April 10, 2026 5:06 pm

अवैध शराब पर प्रहार: एमपी-महाराष्ट्र सीमा पर ₹8.6 लाख का जखीरा जब्त; वार्डों में बिक रही शराब?

पांढुर्णा/बड़चिचोली:( सुनील कवडे) मध्य प्रदेश आबकारी विभाग, म.प्र. पुलिस (चौकी बड़चिचोली) और महाराष्ट्र पुलिस (थाना नरखेड़) की संयुक्त टीम ने अवैध कच्ची शराब के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस सीमावर्ती अभियान में लगभग 8.6 लाख रुपए मूल्य की अवैध कच्ची शराब और महुआ लाहन बरामद कर मौके पर ही नष्ट किया गया।

​यह कार्रवाई दिनांक 13/11/2025 को म.प्र. और महाराष्ट्र के सीमावर्ती ग्रामों वड्डामाल एवं कोंडर में अवैध शराब के विनिर्माण और विक्रय पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई।

कार्यवाही का विवरण:

  • बरामदगी: नदी-नालों के किनारे सर्च ऑपरेशन के दौरान 65 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब और लगभग 8,500 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया।
  • नष्टीकरण: टीम ने मौके पर ही 3 चढ़ी हुई भट्टियों को ध्वस्त किया और महुआ लाहन को नष्ट कर दिया।
  • कुल अनुमानित कीमत: जब्त कच्ची शराब की कीमत लगभग ₹9,750 और नष्ट किए गए महुआ लाहन की कीमत लगभग ₹8,50,000 आँकी गई है, जिससे कुल कीमत ₹8,59,750 होती है।
  • दर्ज प्रकरण: इस संबंध में 6 प्रकरण दर्ज किए गए हैं और अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध म.प्र. आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)क एवं 34च के तहत विवेचना शुरू कर दी गई है।

टीम में शामिल अधिकारी:

​इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जी एल मरावी, पांढुर्णा वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार नागेश, बड़चिचोली चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक विक्रम बघेल, नरखेड़ महाराष्ट्र थाना प्रभारी अजीत कदम, एवं आबकारी तथा पुलिस के अन्य आरक्षक उपस्थित रहे। यह संयुक्त अभियान सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

चिंताजनक पहलू: वार्डों में अवैध शराब बिक्री का अनसुलझा मुद्दा

​जहां सीमावर्ती और बाहरी क्षेत्रों में बड़े ऑपरेशन किए जा रहे हैं, वहीं शहर/कस्बे के आंतरिक वार्डों और रिहायशी इलाकों में अवैध कच्ची एवं अंग्रेजी शराब की बिक्री एक गंभीर समस्या बनी हुई है।

  • जनता का मत: स्थानीय निवासियों, विशेषकर  पांढुर्णा जैसे क्षेत्रों में रहने वालों का कहना है कि अवैध शराब की बिक्री लगभग हर वार्ड के गली-मोहल्लों में बेरोकटोक जारी है।
  • प्रभाव: इसके कारण युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आ रही है, और वार्डों में आपराधिक गतिविधियों, झगड़ों और पारिवारिक कलह में वृद्धि हो रही है, जिससे सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को खतरा है।
  • मांग: जनता प्रशासन से यह अपेक्षा करती है कि जिस सख्ती से बड़े तस्करों पर कार्रवाई की जाती है, उसी तरह स्थानीय स्तर पर वार्डों में अवैध रूप से शराब बेचने वालों पर भी निरंतर और प्रभावी कार्यवाही की जाए, ताकि इस सामाजिक बुराई का स्थायी निराकरण हो सके।