July 5, 2026 12:45 am

मुस्कान की शक्ति: पांढुर्णा पुलिस और NCC कैडेट्स ने ‘सुरक्षा के कवच’ को समझा

पांढुर्णा। क्या आपने कभी सोचा है कि एक मुस्कान कितनी शक्तिशाली हो सकती है? पांढुर्णा पुलिस द्वारा जिला अस्पताल में आयोजित “मुस्कान विशेष अभियान” केवल गुमशुदा बच्चों को खोजने का अभियान नहीं है, बल्कि यह युवा मन में सुरक्षा और जिम्मेदारी का बीज बोने का एक मनोवैज्ञानिक प्रयास है। बुधवार, 19 नवंबर 2025 को, जब NCC के 80 से अधिक छात्र-छात्राएं इस जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हुए, तो यह महसूस हुआ कि पांढुर्णा का भविष्य केवल कानूनों से नहीं, बल्कि सक्रिय जागरूकता और सहभागिता से सुरक्षित होगा।

​ ‘वर्चुअल’ और ‘रियल’ खतरे के बीच युवा मन की ढाल

​आज की दुनिया में खतरा सिर्फ सड़कों पर या अँधेरी गलियों में नहीं है—यह हमारे फोन की स्क्रीन पर भी घात लगाए बैठा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज कुमार सोनी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने इस मनोवैज्ञानिक द्वंद्व को बखूबी समझा।

पहला सबक: लालच का पर्दाफाश! पांढुर्णा पुलिस ने छात्रों को साइबर फ्रॉड के बारे में विस्तार से बताया। यह केवल तकनीकी जानकारी नहीं थी; यह बताया गया कि कैसे लालच या डर का मनोवैज्ञानिक फायदा उठाकर साइबर अपराधी हमें अनजानी लिंक पर क्लिक करने या OTP साझा करने पर मजबूर करते हैं। एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हमें लगता था कि हम स्मार्ट हैं, लेकिन आज पता चला कि धोखेबाज हमारे भरोसे और जल्दबाजी का शिकार करते हैं।”

दूसरा सबक: सम्मान ही सबसे बड़ा हथियार! महिला प्रकोष्ठ प्रभारी निरी. संध्यारानी सक्सेना ने युवा छात्रों को महिलाओं के सम्मान के बारे में जागरूक किया। यह महज ‘उपदेश’ नहीं था, बल्कि यह बताया गया कि कैसे महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सम्मान की भावना ही समाज में अपराधों को जड़ से खत्म कर सकती है। उन्हें 1090 (महिला हेल्पलाइन) और 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) जैसे नंबरों की शक्ति समझाई गई—जो डर और चुप्पी के खिलाफ भरोसे का प्रतीक हैं।

​ जीवन रक्षक ‘CPR’ और ‘राहवीर’ का मनोवैज्ञानिक आश्वासन

​इस कार्यक्रम का सबसे दिल को छू लेने वाला और मनोवैज्ञानिक रूप से मजबूत हिस्सा तब आया जब यातायात प्रभारी निरी. आकांक्षा सहारे और डॉ. शिवांगी वारकुटे ने NCC कैडेट्स को आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार किया।

डर पर विजय: राहवीर योजना!

अक्सर, लोग सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने से डरते हैं—उन्हें लगता है कि पुलिस पूछताछ या कानूनी पचड़े में फंस जाएंगे। इस ‘मदद करने के डर’ को खत्म करने के लिए ‘राहवीर योजना’ की जानकारी दी गई। छात्रों को बताया गया कि अब मदद करने वालों को कानूनी सुरक्षा प्रदान की जाती है। यह जानकारी NCC कैडेट्स के मन से अनिश्चितता और भय को दूर करने का एक शक्तिशाली मनोवैज्ञानिक कदम था, उन्हें सक्रिय नागरिक बनने का आत्मविश्वास दिया गया।

जीवनदान का विज्ञान: CPR!

डॉ. शिवांगी वारकुटे ने छात्रों को आपातकालीन जीवन रक्षक प्रक्रिया CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का उपयोग करने का तरीका सिखाया। कुछ ही मिनटों में, NCC कैडेट्स ने समझा कि वे सिर्फ वर्दीधारी छात्र नहीं हैं, बल्कि वे अचानक आए संकट में जीवन और मृत्यु के बीच की कड़ी बन सकते हैं। इस प्रशिक्षण ने उनके अंदर शक्ति और जिम्मेदारी की गहरी भावना पैदा की।

​इस अभियान में बी.एम.ओ. डॉ. दिपेन्द्र सलामे और सउनि भूपेन्द्र सोनी सहित पूरा पुलिस और डॉक्टर स्टाफ मौजूद था।

अंतिम संदेश: “मुस्कान विशेष अभियान” एक साधारण अभियान से कहीं बढ़कर है। यह पांढुर्णा के युवाओं को केवल कानून का पालन करने वाला नहीं, बल्कि सक्रिय, जागरूक और निडर ‘राहवीर’ बनने के लिए प्रेरित करता है, जो हर मुस्कान और हर जीवन की रक्षा के लिए तत्पर हैं।

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