पांढुर्णा वॉच’ स्पेशल बुलेटिन: विकास की नई रेल, बेटियों की उड़ान, इंसानियत की मिसाल और एक्शन में प्रशासन… पढ़िए आज की सभी प्रमुख हलचलें

युवाओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान: आईटीआई पीपलानारायणवार में 132 सीटों पर प्रवेश शुरू, 30 जून तक मौका

 

पांढुर्ना |तकनीकी शिक्षा के जरिए अपने भविष्य को संवारने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) पीपलानारायणवार ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश का शंखनाद कर दिया है। इलेक्ट्रीशियन, फिटर, मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल, कोपा और डीजल मैकेनिक जैसे पांच डिमांडिंग ट्रेड्स में कुल 132 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। जो युवा अपने करियर को एक नई दिशा देना चाहते हैं, वे बिना देरी किए 30 जून 2026 तक विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं। अक्सर देखा गया है कि सही समय पर लिया गया एक फैसला पूरी जिंदगी बदल देता है। संस्था ने युवाओं की सहूलियत के लिए परिसर में एक विशेष हेल्पडेस्क भी बनाई है, ताकि तकनीकी दिक्कतों के कारण कोई भी होनहार छात्र इस सुनहरे अवसर से वंचित न रह जाए। अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना आज ही अपना आवेदन सुनिश्चित करें और आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम बढ़ाएं।

​प्रकृति को संवारने की अनूठी पहल: 50 हजार ‘सीड्स बॉल’ से हरित क्रांति लाएगा श्रद्धा सबूरी संगठन

पांढुर्ना जब समाज का हर व्यक्ति प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझ ले, तो बंजर धरती भी हरी-भरी हो उठती है। इसी सोच को सच कर दिखाया है तिगांव की श्रद्धा सबूरी समाज सेवी संस्था ने। पर्यावरण संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाते हुए संस्था ने 50 हजार ‘सीड्स बॉल’ तैयार करने का ऐतिहासिक संकल्प लिया है। इस महाभियान में सीताफल, आम, जामुन, करंज और गुलमोहर जैसे बीजों को मिट्टी के गोलों में पिरोया जा रहा है, जिन्हें आगामी बारिश में जंगलों और खाली जमीन पर बिखेरा जाएगा। जल प्रहरी श्री नीरज वानखडे के मार्गदर्शन और वन विभाग के श्री प्रभु सिंह मुछाला के सहयोग से चल रहे इस अभियान में बच्चों से लेकर महिलाओं तक का उत्साह देखते ही बन रहा है। हर्षित, रुद्र और कनक जैसे नन्हे हाथ जब मिट्टी में बीज मिलाते हैं, तो ऐसा लगता है मानो वे एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव रख रहे हों। यह पहल न सिर्फ वन्यजीवों का पेट भरेगी, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को सांस लेने के लिए शुद्ध हवा भी देगी।

​सौंसर की बेटी ने रचा इतिहास: एमबीबीएस में गोल्ड मेडल हासिल कर डॉ. शिवांशी श्रीवास्तव बनीं युवाओं की प्रेरणा

पांढुर्ना कहते हैं कि आसमान में भी सुराख हो सकता है, बस एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों। इसी कहावत को चरितार्थ किया है विकासखंड सौंसर की होनहार बेटी डॉ. शिवांशी श्रीवास्तव ने। देवास के अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से एमबीबीएस की डिग्री के साथ-साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ‘गोल्ड मेडल’ हासिल कर उन्होंने पूरे क्षेत्र का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। श्री गंगाधर श्रीवास्तव और श्रीमती अरुणा श्रीवास्तव की इस लाडली ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सौसर के सुभाष मॉन्टेसरी स्कूल से शुरू की थी और आज वे चिकित्सा जगत में एक चमकता सितारा बन गई हैं। उनकी यह सफलता सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उस हर युवा और बेटी के लिए एक ज्वलंत प्रेरणा है, जो अभावों या सीमित संसाधनों के बीच भी बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं। डॉ. शिवांशी अब पीजी की तैयारी में जुट गई हैं, और उनकी इस ऊंची उड़ान ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची लगन और दृढ़ संकल्प के आगे हर चुनौती बौनी साबित होती है।

​विकास कार्यों में नहीं चलेगी कोई लापरवाही: जनपद सीईओ ने किया ग्राम पंचायत पंद्रहखेड़ी का औचक निरीक्षण

पांढुर्ना प्रशासनिक अमला जब खुद जमीन पर उतरकर विकास कार्यों की हकीकत परखता है, तो व्यवस्था में अपने आप कसावट आ जाती है। इसी का प्रमाण तब मिला जब जनपद पंचायत सौंसर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री प्रियंक मिश्रा ने ग्राम पंचायत पंद्रहखेड़ी का औचक निरीक्षण किया। अचानक अधिकारियों को अपने बीच पाकर पंचायत कर्मियों में हड़कंप मच गया। सीईओ ने पंचायत में चल रहे सभी शासकीय और निर्माण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया और स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक तुरंत पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लेटलतीफी या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी। इस औचक निरीक्षण से न सिर्फ पंचायत स्तर के कामों में गति आने की उम्मीद है, बल्कि आम जनता में भी स्थानीय प्रशासन के प्रति एक गहरा विश्वास और उम्मीद पैदा हुई है।

​अवैध शराब माफियाओं पर आबकारी विभाग का बड़ा प्रहार: सौंसर में 1000 किलो महुआ लाहन और शराब जब्त

पांढुर्ना समाज की जड़ों को खोखला कर रहे अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। सहायक आबकारी आयुक्त श्री बी. आर. वैद्य के सख्त निर्देशों पर सौंसर आबकारी विभाग की टीम ने आज एक बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी। ग्राम सिरदोनी और घोटी में अचानक दी गई दबिश में जहां बियर और अंग्रेजी शराब का जखीरा पकड़ा गया, वहीं ग्राम पारेघाट में नदी किनारे छिपाकर रखा गया 1000 किलो महुआ लाहन भी जब्त किया गया। इस अवैध जखीरे को मौके पर ही नष्ट कर म.प्र. आबकारी अधिनियम के तहत 4 अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री के. सी. चौहान और उनकी टीम की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने अवैध कारोबारियों में दहशत पैदा कर दी है। विभाग ने सख्त संदेश दिया है कि जिले में किसी भी तरह का अवैध कारोबार पनपने नहीं दिया जाएगा और आगे भी यह धरपकड़ अभियान इसी तरह आक्रामक रूप से जारी रहेगा।

​इंसानियत आज भी जिंदा है: संतोषी माता वार्ड में तड़पती बेसहारा गाय के लिए देवदूत बने नागरिक और डॉक्टर

पांढुर्ना जब पीड़ा किसी बेजुबान की हो और मदद के लिए इंसान के हाथ आगे बढ़ें, तो वह दृश्य दिल को छू लेने वाला होता है। संतोषी माता वार्ड में बुधवार को इंसानियत की एक ऐसी ही अद्भुत मिसाल देखने को मिली। सड़क किनारे प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक बेसहारा गाय को देखकर कुछ जागरूक नागरिकों का दिल पसीज गया। उन्होंने तुरंत स्थानीय पत्रकार काशीजी बालपाड़े को सूचना दी, जिनकी तत्परता से पशु चिकित्सा विभाग की टीम डॉ. गोविंदा धुर्वे के नेतृत्व में फौरन मौके पर पहुंच गई। सड़क पर ही तुरंत आवश्यक व्यवस्थाएं कर डॉक्टरों की टीम ने अत्यंत संवेदनशीलता और विशेषज्ञता के साथ गाय का सुरक्षित प्रसव कराया। आज वह गाय और उसका नवजात बछड़ा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं। नागरिकों की सजगता, एक पत्रकार की जिम्मेदारी और डॉक्टरों के निस्वार्थ सेवाभाव ने मिलकर एक बेजुबान को नई जिंदगी दी है, जो यह साबित करता है कि अगर समाज ठान ले तो बेसहारा जानवरों को भी दर्द से निजात दिलाई जा सकती है।

​सेवा ही परमो धर्म: स्व. लक्ष्मी बाई बालपांडे हेल्प ग्रुप ने गंभीर मरीजों की सांसों को दी एक लाख रुपये की संजीवनी

पांढुर्ना ​बीमारी के मुश्किल वक्त में जब कोई आर्थिक मदद का हाथ बढ़ाता है, तो वह किसी फरिश्ते से कम नहीं लगता। ‘स्व. लक्ष्मी बाई बालपांडे हेल्प ग्रुप’ सचमुच ऐसे ही फरिश्ते की भूमिका निभा रहा है। ग्रुप की अध्यक्ष तनवी बालपांडे ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए तीन गंभीर मरीजों के इलाज और दस जरूरतमंदों के मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए कुल एक लाख रुपये की भारी-भरकम आर्थिक सहायता जारी की है। नागपुर में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे तीन मरीजों को तुरंत 30 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे गए हैं, ताकि उनका इलाज न रुके। वहीं, 70 हजार रुपये सीधे अस्पताल को मोतियाबिंद ऑपरेशनों के लिए दिए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि यह पूरी राशि किसी सरकारी फंड या चंदे से नहीं, बल्कि ग्रुप की निजी निधि से दी गई है। बिना किसी दिखावे के, सिर्फ सही जरूरतमंदों तक सीधे मदद पहुंचाने का यह निस्वार्थ जज्बा पूरे समाज के लिए एक गहरी प्रेरणा है, जो बताता है कि असली दौलत तो इंसानियत के काम आना ही है।

​जनहित की एक और बड़ी सौगात: सांसद बंटी साहू के प्रयासों से रीवा-हैदराबाद एक्सप्रेस को मिली हरी झंडी

पांढुर्ना विकास की पटरियों पर तेजी से दौड़ते संसदीय क्षेत्र को अब एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल हुआ है। क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद श्री बंटी विवेक साहू की अथक मेहनत और जनहित के प्रति उनके गहरे समर्पण का ही नतीजा है कि रीवा से हैदराबाद (चर्लपल्ली) वाया पांढुर्णा (ट्रेन संख्या 20158/20157) नई रेलगाड़ी के परिचालन को आखिरकार रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिल गई है। इस बड़ी सौगात के लिए सांसद जी ने सीधे केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर क्षेत्रवासियों की इस पुरानी मांग को पुरजोर तरीके से उठाया था। यह नई ट्रेन सिर्फ एक यातायात का साधन नहीं है, बल्कि यह व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए दरवाजे खोलने वाली एक मास्टर चाबी साबित होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री के इस जनहितैषी फैसले से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। अब नागरिकों का दक्षिण भारत से सीधा और सुगम संपर्क स्थापित हो सकेगा, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और विकास को एक नई रफ्तार देगा।

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