
पांढुर्णा (म.प्र.): पांढुर्णा जिले में नवनिर्मित कलेक्टर कार्यालय के निर्माण स्थल को लेकर बुद्धिजीवी लोगों और प्रशासन के बीच तनाव अब अपने चरम पर है। आज, जिले की सड़कों पर भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसने एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। बुद्धिजीवी लोगों ने कलेक्टर नीरज वशिष्ठ को सौंपे ज्ञापन में स्पष्ट कर दिया कि प्रस्तावित अमरावती (वरूड़) रोड का स्थल उन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
इस विरोध प्रदर्शन को सौसर के पूर्व विधायक आदरणीय रामराव महाले की उपस्थिति ने और अधिक धार दे दी, जिन्होंने प्रशासन के निर्णय पर सीधे और तीखे आरोप लगाए।
विस्फोटक दावा: ‘जनता के हित का नहीं, सिर्फ तीन लोगों का फैसला!’

जनहित हितेषी पूर्व विधायक रामराव महाले ने कलेक्टर के सामने प्रशासन की मंशा पर सीधे सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि यह निर्णय निहित स्वार्थों के कारण लिया जा रहा है।
पूर्व विधायक का सबसे कड़ा और निर्णायक बयान:
“माननीय कलेक्टर साहब! यह निर्णय सौसर क्षेत्र के केवल तीन लोगों को फायदा दिलाने के लिए हो रहा है, जो सरासर लोक हित का कत्ल है! पांढुर्णा, नंदनवाड़ी और सौसर क्षेत्र के बुद्धिजीवी लोगों की यह साझा इच्छा है कि जिले का प्रशासनिक तंत्र सुगम, पारदर्शी और लोगों की आसान पहुँच में हो। कलेक्टर भवन निर्माण का निर्णय तुरंत लोक हित में लिया जाए!“
महाले के इस बयान ने यह साबित कर दिया कि बुद्धिजीवी वर्ग में यह स्पष्ट संदेश गया है कि यह फैसला जनभावना के विरुद्ध लिया गया है।
बुद्धिजीवी लोगों की निर्णायक मांग: ‘मंडी परिसर’ ही अंतिम विकल्प

भारी जनसैलाब की एकमात्र और अटल माँग यही है कि कलेक्टर कार्यालय का निर्माण शहर के मध्य स्थित मंडी परिसर में किया जाए। बुद्धिजीवी लोगों ने अमरावती रोड के प्रस्ताव को अवैज्ञानिक और जनविरोधी बताते हुए निम्नलिखित तीखे तर्क दिए:
- जीवन और सुरक्षा का प्रश्न: प्रस्तावित स्थल पर मुख्य रेलवे लाइन है, जिसके कारण अक्सर दो-दो घंटों तक यातायात अवरुद्ध रहता है। आपातकालीन स्थिति में यह स्थल सीधा जीवन के लिए घातक सिद्ध होगा।
- आर्थिक बोझ और दुर्गमता: शहर से दूर यह स्थल किसानों, विद्यार्थियों, महिलाओं और गरीब लोगों पर अनावश्यक रूप से आर्थिक बोझ डालेगा और यह उनकी पहुँच से बाहर होगा।
- बुनियादी ढाँचा: मंडी परिसर पहले से ही यातायात की दृष्टि से सुविधाजनक है और वहाँ आवश्यक जनसुविधाएँ उपलब्ध हैं।
बुद्धिजीवी लोगों ने दिया अंतिम अल्टीमेटम: अब निर्णायक आंदोलन होगा!

इस भारी जनसैलाब में आदरणीय रामराव महाले, आदरणीय एड. कैलाश सांबारे, आदरणीय सचिन गुड्डू कावले, आदरणीय पूर्व सरपंच रामसू उईके, आदरणीय श्री अशोक भुसारी सहित सैकड़ों अन्य जनहित हितेषी नेतृत्व कर रहे थे। सभी ने एकजुट होकर कलेक्टर को चेतावनी दी कि यदि उनकी इस लोक हितकारी माँग को अनसुना किया गया, तो प्रशासन को पांढुर्णा में अभूतपूर्व, उग्र और निर्णायक जन-आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।
पूरा पांढुर्णा जिला अब कलेक्टर के अगले कदम का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद शहर में शांति रहेगी या बड़ा जनविद्रोह भड़क उठेगा

