पांढुर्ना |: ‘मैं’ को त्यागकर ‘हम’ की भावना को समाज में स्थापित करने के लिए कार्यरत ‘हम फाउण्डेशन भारत’ के प्रयासों को पांढुर्ना जिला कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने भारत की मूलभावना और विचार बताया। यह महत्वपूर्ण उदगार कलेक्टर ने संगठन के राष्ट्रीय प्रकल्प ‘दो मिनिट राष्ट्र के नाम, राष्ट्र का करे सम्मान’ राष्ट्रगान कार्यक्रम और मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर व्यक्त किए। यह आयोजन राष्ट्रीय एकता, श्रेष्ठतम सेवा और सांस्कृतिक विचारों के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
मुख्य बिंदु

- कलेक्टर का वक्तव्य: जिला कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने ‘हम फाउण्डेशन’ के उद्देश्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संगठन समाज में श्रेष्ठतम सेवा और सांस्कृतिक विचारों का प्रसार कर रहा है, जिससे ‘मैं’ की भावना को छोड़कर ‘हम’ की भावना स्थापित हो रही है। उन्होंने ‘हम’ को भारत की मूलभावना एवम विचार बताया, जो देश की सामूहिक चेतना को दर्शाता है।
- संगठन का विशेष आयोजन: स्थानीय तीन शेर चौक में आयोजित इस गरिमामय समारोह में नियमित रूप से संचालित होने वाले राष्ट्रीय प्रकल्प ‘दो मिनिट राष्ट्र के नाम, राष्ट्र का करे सम्मान’ के तहत राष्ट्रगान का गायन हुआ। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश गान का भी सामूहिक गायन किया गया, जिसने आयोजन को और भी प्रेरणादायक बना दिया।
- अतिथियों का सम्मान: कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एड. निशिकान्त चौधरी ने भारत माता एवम स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीपप्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने परंपरा अनुसार कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ का शाल, श्रीफल, माला, पगड़ी एवम सम्मानपत्र प्रदान कर अभिनंदन किया।
- गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति: समारोह में पुलिस अधीक्षक सुंदरसिंह कनेश एवम नगरपालिका अध्यक्ष संदीप घाटोडे की विशेष उपस्थिति रही। अतिथियों का स्वागत जिला अध्यक्ष दिलीप मटकर, तिलक चंद भगत, शाखा अध्यक्ष सुरेश नंदेवार, शरद नलोडे, मालती जेवने ने किया।
- सामुदायिक सहभागिता: इस अवसर पर राष्ट्रीय सह संयोजक महिला सहभागिता मुनमुन भट्टाचार्य, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष प्रवीण पालीवाल सहित नगर की पाँचों शाखाओं के पदाधिकारियों और कई गणमान्य नागरिकों की भारी संख्या में उपस्थिति ने ‘हम’ की भावना को मजबूती दी। समारोह में सभी को मिष्ठान वितरण भी किया गया।


