कलेक्टर, SDM, BEO कार्यालय की नाक के नीचे ‘VIP’ स्कूल में बाल-श्रमदान! क्या ‘उत्कृष्टता’ की परिभाषा बदल गई है?

‘CM राइज’ का ‘ग्राउंड जीरो’ दर्शन:-
पांढुर्णा के CM राइज स्कूल (पहले कम राइज स्कूल) का यह दृश्य बताता है कि प्रदेश सरकार की ‘उत्कृष्टता’ की योजनाएँ ज़मीनी स्तर पर कैसे ‘कामयाब’ हो रही हैं। यह स्कूल, जो कि BEO, तहसीलदार और कलेक्टर-SDM ऑफिस के ठीक बगल में स्थित है, अब प्रशासनिक निष्क्रियता का एक जीता-जागता संग्रहालय बन गया है।
CM राइज की सफलता: “प्रदेश सरकार की CM राइज योजना सफल है! क्योंकि यहाँ करोड़ों रुपये खर्च करके उच्च स्तरीय शिक्षा की जगह बच्चों को कूड़ा प्रबंधन का सबसे सस्ता और प्रभावी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चों को अब शिक्षक नहीं, बल्कि बिना वेतन के सफाई कर्मचारी मिल गए हैं। यह शिक्षा में ‘लागत कटौती’ (Cost Cutting) का अद्भुत उदाहरण है।”

शिक्षक और अधिकारी: ‘सत्य’ के अनदेखे कलाकार
बच्चों का स्कूल के भीतर का कचरा उठाकर बाहर फेंकना और इस दौरान किसी शिक्षक या स्टाफ का मौजूद न होना—यह सामान्य लापरवाही नहीं, बल्कि सामूहिक प्रशासनिक सहमति है।
जवाबदेही का पलायन: “BEO कार्यालय के ठीक सामने यह नज़ारा शिक्षा विभाग के लिए एक शांत संगीत जैसा है। छिंदवाड़ा में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों को इस ‘उत्कृष्ट’ कार्य के लिए पांढुर्णा प्रशासन की पीठ थपथपानी चाहिए। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि सफाई कर्मचारियों की सैलरी या ड्यूटी जैसी ‘छोटी-मोटी’ समस्याओं से निपटा न जाए, बल्कि उन्हें भोले-भाले छात्रों के माध्यम से ‘सफल’ बनाया जाए। यह जिम्मेदारी से पलायन की नहीं, बल्कि नेतृत्व-क्षमता के प्रदर्शन की पराकाष्ठा है।”

पांढुर्णा और प्रदेश पर तीखी ‘मखमल’ टिप्पणी
नया जिला पांढुर्णा बनने के बाद, उम्मीद थी कि यहाँ सुशासन होगा। लेकिन, यहाँ बच्चों को कचरा निस्तारण की ट्रेनिंग मिल रही है, जबकि उच्च अधिकारी अपनी नई सीटों पर सत्ता की गर्मी का आनंद ले रहे हैं।
अंतिम और निर्णायक बातचीत: “पांढुर्णा के प्रिय अधिकारियों! जब CM राइज स्कूल के बच्चे आपके दफ्तर की चौखट के पास खड़े होकर कचरा फेंक रहे हों, तो कृपया इस दृश्य को शर्म नहीं, बल्कि अपनी ‘विराट सफलता’ का प्रमाण मानिए। यह दिखाता है कि आपने सफाई और शिक्षा, दोनों के लिए आवंटित सरकारी फंड को ‘बचाकर’ प्रशासनिक नवाचार की नई ऊँचाइयाँ छू ली हैं। मध्य प्रदेश को ऐसे ‘कर्मठ’ और ‘लापरवाह’ अधिकारियों पर गर्व है!”

