पांढुर्णा,(सुनील कवडे):-पांढुर्णा जिले के प्रशासन को और भी चुस्त-दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है! कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने जिले के अधिकारियों के बीच शासकीय कार्यों का नया विभाजन कर दिया है। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और इससे जिले के कामकाज की गति में तेजी आने की उम्मीद है।
कौन बना किस काम का ‘मालिक’?
इस नए आदेश में, जिले के महत्वपूर्ण अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियाँ स्पष्ट रूप से सौंप दी गई हैं। आइए जानते हैं किसे क्या कार्यभार मिला है, जिसे जानकर आप भी कहेंगे, “वाह, काम का हुआ सही बंटवारा!”
- कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ: जिले के सबसे बड़े दण्डाधिकारी (DM) और राजस्व प्रमुख (Collector) की जिम्मेदारी हमेशा की तरह इनके पास ही रहेगी। यानी, जिले के सभी बड़े दाण्डिक और राजस्व संबंधी मामलों की कमान इनके हाथ में है।
- अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री: इन्हें कलेक्टर साहब का सबसे मजबूत दाहिना हाथ बनाया गया है। ये अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी के रूप में दाण्डिक और राजस्व के अलावा कई महत्वपूर्ण शाखाओं का काम संभालेंगे।
- संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा: इन्हें चुनावी मामलों (निर्वाचन) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही, ये खनिज और उद्यानिकी (बागवानी) जैसे महत्वपूर्ण विभागों को भी देखेंगी।
- संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी: इन्हें जमीन से जुड़े मुख्य काम, जैसे नजूल शाखा, भू-अभिलेख (जमीन के रिकॉर्ड), और नजारत शाखा का प्रभार दिया गया है।
- संयुक्त कलेक्टर श्री सिद्धार्थ पटेल: ये अधिकारी सौंसर क्षेत्र के लिए ‘बॉस’ होंगे। उन्हें अनुविभागीय अधिकारी (SDM) और अनुविभागीय दण्डाधिकारी के रूप में सौंसर के राजस्व और प्रशासनिक मामलों की पूरी जिम्मेदारी दी गई है।
- प्रभारी डिप्टी कलेक्टर श्रीमती अलका एक्का: इन्हें पांढुर्णा शहर का महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मा सौंपा गया है! ये अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पांढुर्णा और भू-अर्जन अधिकारी के रूप में काम करेंगी। इसके अलावा, ये सत्कार शाखा (मेहमानों की व्यवस्था) का काम भी संभालेंगी।
जनता को क्या फायदा?
यह कार्य विभाजन केवल अधिकारियों के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है।
- तेज काम: अब हर अधिकारी को पता है कि उसे कौन सा काम करना है, जिससे फाइलों का ढेर नहीं लगेगा और काम समय पर होगा।
- पारदर्शिता: सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ई-ऑफिस (डिजिटल माध्यम) से ही काम करें। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और पता चलेगा कि कौन सी फाइल कहाँ रुकी है।
- जनता से जुड़ाव: अधिकारियों को अपने निर्धारित मुख्यालय पर ही रहना होगा। इतना ही नहीं, उन्हें गाँव में जाकर रात्रि विश्राम करना है और स्कूलों में जाकर मध्यान्ह भोजन की जाँच भी करनी है। यह कदम जनता से सीधा जुड़ाव सुनिश्चित करेगा।
इन नए और सख्त निर्देशों के साथ, पांढुर्णा जिले में अब प्रशासनिक कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।


