
पांढुर्णा: पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने आज, बुधवार को आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में समय-सीमा के लंबित प्रकरणों पर केंद्रित और व्यापक चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता और नागरिक-केंद्रित सेवाओं में सुधार लाना रहा।
सीएम हेल्पलाइन पर फोकस और ‘ए-ग्रेड’ का लक्ष्य
बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया और उनके विभागीय कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। समीक्षा के दौरान, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण की स्थिति पर विशेष जोर दिया गया।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अधिकारियों को स्पष्ट और महत्वाकांक्षी लक्ष्य देते हुए कहा:
”सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इस माह की विभागीय रैंकिंग में ‘ए-ग्रेड’ प्राप्त हो। यह केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि नागरिकों के प्रति हमारी जवाबदेही का प्रतीक है।”
उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों, विशेष रूप से सीएम कार्यालय, सीएम हाउस, विभिन्न आयोगों और न्यायालयों से संबंधित मामलों का समाधान संतुष्टिपूर्ण और समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि आम जनता को त्वरित और प्रभावी राहत मिल सके।
समन्वय, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की त्रयी
समीक्षा बैठक में एडीएम श्री नीलमणि अग्निहोत्री, संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे। सौंसर के खंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अंतर्विभागीय मुद्दों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि:
- समन्वय (Coordination): विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बेहतर हो।
- पारदर्शिता (Transparency): कार्यप्रणाली में स्पष्टता हो।
- उत्तरदायित्व (Accountability): हर अधिकारी अपने काम की पूरी जिम्मेदारी ले।
इन निर्देशों के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि लंबित मामलों के प्रभावी समाधान के लिए सामूहिक प्रयास और उच्च स्तर की जिम्मेदारी आवश्यक है, जिससे जिले में सुशासन की स्थापना सुनिश्चित हो सके।

