April 10, 2026 12:38 pm

पांढुर्णा कलेक्टर कार्यालय: वरुड रोड पर निर्माण की मांग ने पकड़ा जोर, कांग्रेस की आपत्ति के बीच विजय चौरे जी का जन्मदिन धूमधाम से मनाया; कलेक्टर बोले- ‘जनमत सर्वोपरि’

पांढुर्णा|, नवगठित पांढुर्णा जिले में कलेक्टर कार्यालय के निर्माण स्थल को लेकर नगर में गहमागहमी का माहौल है। एक तरफ जहाँ शहर के जागरूक नागरिकों ने वरुड रोड पर कलेक्टर कार्यालय बनाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है, वहीं कुछ देर बाद कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने इस मांग का परोक्ष रूप से विरोध जताते हुए कलेक्टर महोदय से मुलाकात की।

जनता की स्पष्ट मांग: विकास और सुविधा के लिए वरुड रोड ही क्यों?

​सोमवार को पांढुर्णा के स्थायी निवासियों और नगरवासीगणों ने एकजुट होकर एक ज्ञापन जिलाधीश महोदय को सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पांढुर्णा के भविष्य के विस्तार, विकास और आम जनता की सुविधा को देखते हुए कलेक्टर कार्यालय का निर्माण वरुड रोड पर किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

​जनता ने अपने पक्ष में दो महत्वपूर्ण तर्क दिए हैं:

  1. रेलवे फाटक की असुविधा: वर्तमान में रेलवे फाटक के कारण लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। नागरिकों का मानना है कि यदि कलेक्टर कार्यालय का निर्माण वरुड रोड पर होता है, तो शहर में रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो सकेगा, जिससे नगरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
  2. पुराने पांढुर्णा का महत्व: ज्ञापन में यह भी ज़िक्र किया गया है कि यह क्षेत्र कई वर्षों से “जुना पांढुर्णा” के नाम से जाना जाता रहा है, जहाँ वर्तमान में बड़ी आबादी निवास करती है। इस स्थान पर कार्यालय बनने से क्षेत्र की जनता को सबसे अधिक सुविधा होगी और क्षेत्र का विकास भी सुनिश्चित होगा।

​संक्षेप में, नागरिकों ने इस स्थल को भविष्य के विकास की धुरी और यातायात समस्या का स्थायी समाधान बताया है।

कांग्रेस नेताओं ने रखी अपनी बात, निर्माण स्थल अनिश्चित

​जनप्रतिनिधियों का कार्य जनता के हितों का ध्यान रखना होता है, लेकिन नागरिक ज्ञापन सौंपे जाने के कुछ ही देर बाद जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों का एक दल कलेक्टर कार्यालय पहुँचा। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री जतन उईके जी, सौसर विधायक श्री विजय चौरे जी, पांढुर्ना विधायक श्री नीलेश उइके जी सहित अन्य वरिष्ठ सदस्यों, जैसे श्री सोपान कोल्हे जी, श्रीमती नेहा जोगी जी, श्री पुनाराम बाविस्टाले जी, श्री प्रमोद भांगे जी, और ब्लॉक अध्यक्ष श्री विश्वास कॉम्बे जी, ने कलेक्टर महोदय से चर्चा की।

​चर्चा के दौरान, कांग्रेस कमेटी ने वरुड रोड पर निर्माण के विषय पर प्रत्यक्ष विरोध नहीं किया, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि कलेक्टर कार्यालय का निर्माण किसी भी एक स्थान विशेष के बजाय सर्वाधिक सार्वजनिक सुविधाओं और जनमत को देखकर किया जाना चाहिए। नेताओं की उपस्थिति ने यह संकेत अवश्य दिया कि वे शायद इस प्रस्तावित स्थान से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।

कलेक्टर से मुलाकात के बाद विधायक कार्यालय में मनाया गया जन्मदिन

​कलेक्टर महोदय से मुलाकात कर इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी बात रखने के बाद, सभी पदाधिकारी विधायक कार्यालय पहुँचे। यहाँ सौसर क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्री विजय चौरे जी का जन्मदिन केक काटकर एवं पुष्पमाला पहनाकर बड़े ही हँसी-खुशी के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री जतन उइके जी, पांढुर्ना विधायक श्री नीलेश उईके जी, प्रदेश महासचिव श्री सोपान कोल्हे जी, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष श्री पुनाराम बाविस्टाले जी, ब्लॉक अध्यक्ष श्री विश्वास कॉम्बे जी, नगर कांग्रेस अध्यक्ष श्री जयंत घोड़े जी सहित सभी युवा साथीगण उपस्थित रहे। गौरतलब है कि दो दिवस पूर्व ही उनका जन्मदिन मनाया गया था, लेकिन इस अवसर को सभी ने एक बार फिर एकजुट होकर मनाया।

कलेक्टर का महत्वपूर्ण आश्वासन: ‘जनहित सर्वोपरि’

​इस संवेदनशील विषय पर कलेक्टर महोदय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संतुलित बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

“अभी कलेक्टर कार्यालय का निर्माण स्थल निश्चित नहीं है। पांढुर्णा कलेक्टर कार्यालय का निर्माण जिले के जनमत और सार्वजनिक सुविधाओं को देखकर ही किया जाएगा।”

 

​कलेक्टर महोदय का यह बयान सीधे तौर पर जनता के हितों को सबसे ऊपर रखने का आश्वासन देता है, जिससे वरुड रोड पर निर्माण की मांग करने वाले नागरिकों का पक्ष स्वाभाविक रूप से मजबूत होता दिख रहा है।

विश्लेषण:

​नगर के जागरूक लोगों द्वारा उठाए गए विकास और सुविधा संबंधी तर्क बेहद मजबूत हैं। रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण से जोड़कर कलेक्टर कार्यालय के स्थल चयन की मांग पांढुर्णा के लिए केवल एक कार्यालय नहीं, बल्कि भविष्य के बुनियादी ढांचे की नींव रखती है। कांग्रेस नेताओं की आपत्ति और उसके तुरंत बाद हुई हँसी-खुशी की बैठक के बीच, शहर की जनता की निगाहें अब प्रशासन के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं। यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस महत्वपूर्ण निर्णय में आम जनता की स्पष्ट और विकासोन्मुख मांग को कितना महत्व देता है।