यह कहानी है हमारे नए पांढुर्णा जिले की, जहाँ आस्था और विकास की एक बहुत ही सुंदर और जादुई कहानी लिखी जा रही है।
क्यों है यह इतनी बड़ी खबर?
हमारे पांढुर्णा जिले की शान, जामसांवली! जहाँ पर श्री हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। अब इसी पवित्र स्थान की पहचान को और भी ऊँचा ले जाने के लिए, इसके पास एक बहुत बड़ा और सुंदर ‘हनुमान लोक’ बनाया जा रहा है!
यह केवल एक निर्माण नहीं है, बल्कि यह वह सपना है जो जामसांवली की धरती को पूरे देश के नक्शे पर एक महान तीर्थस्थल के रूप में स्थापित करेगा। यह लोक जामसांवली की आस्था को अद्भुत कला और संस्कृति के साथ जोड़ देगा।
क्या-क्या होगा इस ‘हनुमान लोक’ में?
सोचिए, हनुमान जी की कथाएँ अब पत्थरों और मूर्तियों में सजीव हो उठेंगी!

- भव्य प्रवेश द्वार: सबसे पहले, आपको मराठवाड़ा शैली का एक शानदार, विशाल गेट मिलेगा, जो आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएगा।
- 500 मीटर का गलियारा: अंदर जाने पर एक आधा किलोमीटर लंबा रास्ता मिलेगा। यह रास्ता नहीं, बल्कि हनुमान जी के बचपन से लेकर उनकी वीरता तक की पूरी कहानी होगी।
- बाल हनुमान के दर्शन: इस गलियारे में जगह-जगह छोटे हनुमान जी (बाल हनुमान) की प्यारी-प्यारी कलाकृतियाँ और मूर्तियाँ होंगी, जो बच्चों को बहुत पसंद आएंगी।
- पंचमुखी अवतार: यहाँ हनुमान जी का एक विशालकाय और अत्यंत प्रभावशाली ‘पंचमुखी’ स्वरूप देखने को मिलेगा। यह वो शक्ति रूप है जो उन्होंने बड़े-बड़े राक्षसों को हराने के लिए धारण किया था।
- दिव्य कथाएँ: सुवर्णरखा नदी और हनुमान जी से जुड़े अन्य पौराणिक प्रसंगों को भी अद्भुत कलात्मक मूर्तियों और वास्तुकला द्वारा दर्शाया जाएगा।
- सुविधाएँ ही सुविधाएँ: भक्तों की सुविधा के लिए यहाँ आधुनिक सामुदायिक केंद्र, स्वच्छ पब्लिक सुविधाएँ और लोगों की सेहत के लिए एक आयुर्वेदिक चिकित्सालय भी बनाया जाएगा।

यह सपना कैसे हो रहा है साकार?
यह पूरी परियोजना जामसांवली के प्रसिद्ध मंदिर के निकट 26.50 एकड़ (लगभग 26 फुटबॉल मैदानों जितनी बड़ी जगह!) भूमि पर बनाई जा रही है। पहले चरण में इस पर ₹35 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
इसका सबसे बड़ा फायदा क्या है?
यह ‘हनुमान लोक’ सिर्फ भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा ही नहीं देगा, बल्कि यह:
- जामसांवली का गौरव बनकर पूरे देश में छा जाएगा।
- पांढुर्णा जिले में रोजगार लेकर आएगा।
- हमारी क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।
जामसांवली का यह ‘हनुमान लोक’, नवगठित पांढुर्णा जिले के विकास और आस्था का नया प्रतीक है। यह आने वाले समय में लाखों लोगों के लिए एक पवित्र, भव्य और प्रेरणादायक तीर्थस्थल बनेगा!

