April 10, 2026 5:25 pm

पांढुर्णा प्रशासन और नागरिक संवाद: नजूल नियमों की बारीकियों पर चर्चा, निर्माण कार्य पर जाँच का आश्वासन

पांढुर्णा, 24 नवंबर 2025: पांढुर्णा के नागरिकों के एक जागरूक प्रतिनिधिमंडल ने आज एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक विषय पर जिलाधीश महोदय को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन शहर के केंद्रीय भूखंडों (प्लॉट क्र. 12/51, 13/2, 50/2) पर चल रहे निर्माण कार्य की वैधानिक जाँच और राजस्व नियमों के संभावित उल्लंघन से संबंधित था।

​यह संवाद अत्यंत ही सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण रहा। नागरिकों ने जहां अपनी चिंताओं को सामने रखा, वहीं जिलाधीश महोदय ने भी खुले मन से उनकी बात सुनी और निष्पक्षता से जाँच कराने का आश्वासन दिया।

​ जिलाधीश ने समझाई नजूल नियमों की बारीकी

​सूत्रों के अनुसार, ज्ञापन सौंपने के बाद जिलाधीश महोदय ने नागरिकों को नजूल (Nazul) नियमों की कानूनी और तकनीकी बारीकियों को विस्तार से समझाया। इस दौरान नजूल भूमि के हस्तांतरण, पट्टे (Lease) की वैधता, और सरकारी राजस्व से जुड़े नियमों पर गहन चर्चा हुई, जिससे नागरिकों को विषय की कानूनी जटिलताएं समझने में मदद मिली।

​जिलाधीश महोदय का यह कदम प्रशासन की पारदर्शिता और नागरिकों के प्रति उनकी कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है।

​ ज्ञापन के मुख्य बिंदु: राजस्व और कानूनी प्रक्रिया पर सवाल

​नागरिकों द्वारा उठाए गए मुख्य मुद्दे, जिन पर अब जाँच होगी, वे निम्नलिखित हैं:

  • वैधानिक हस्तांतरण प्रक्रिया: ज्ञापन में कहा गया है कि संपत्ति का स्वामित्व (Ownerhip) बैंक नीलामी द्वारा बदलने के बावजूद, ‘नवीनीकरण’ से पूर्व ‘वैधानिक हस्तांतरण’ (Transfer) प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य था। नागरिकों ने इंगित किया है कि इस प्रक्रिया को छोड़े जाने के कारण, शासन को मिलने वाली कुल बढ़ी हुई कीमत का 50% (अनर्जित आय) की वसूली नहीं हुई है, जिससे करोड़ों की संभावित राजस्व हानि हो सकती है।

  • पट्टे की मूल वैधता की जाँच: नागरिकों ने निवेदन किया है कि यह जाँच की जाए कि क्या बैंक द्वारा संपत्ति नीलाम करने से पूर्व, लीज नियमों के तहत कलेक्टर की लिखित ‘पूर्व अनुमति’ ली गई थी। यदि यह अनुमति नहीं ली गई है, तो वर्तमान पट्टे का नवीनीकरण वैधानिक रूप से कमजोर हो सकता है।

  • प्रशासनिक पर्यवेक्षण में चूक: नागरिकों ने 21 नवंबर 2025 की रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे के बीच इस स्थल पर नगर पालिका नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध बोरवेल खनन की गतिविधि पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि यह गतिविधि संबंधित अधिकारियों द्वारा पर्यवेक्षण में गंभीर चूक की ओर इशारा करती है।

​ नागरिकों की माँग और जाँच का आश्वासन

​नागरिकों ने निवेदन किया है कि इस निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए (Interim Stay Order) और पट्टे को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके साथ ही, राजस्व अनियमितताओं और प्रशासनिक चूक की जाँच हेतु अनुविभागीय अधिकारी (SDO) स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय जाँच समिति का गठन किया जाए।

​जिलाधीश महोदय ने नागरिकों को निष्पक्ष और नियमानुसार जाँच का ठोस आश्वासन दिया है। पांढुर्णा के जागरूक नागरिकगण अब न्यायपूर्ण निर्णय और प्रशासनिक शुचिता की उम्मीद कर रहे हैं।