वरुड बनी जाम की कहानी खत्म, अब फर्राटा भरेगी पांढुर्णा की रफ्तार
पांढुर्णा: पूरे शहर के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है! वरुड रेलवे फाटक पर ट्रेन आने पर हर दिन लगने वाला घंटों लंबा ट्रैफिक जाम अब इतिहास बनने वाला है। इस वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान करते हुए, लोक निर्माण विभाग ने एक 5674.28 करोड़ रुपये की शानदार परियोजना को हरी झंडी दे दी है।
भोपाल मंत्रालय से उप सचिव ए.आर. सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अमरावती–आमला–नागपुर राष्ट्रीय मार्ग के किलोमीटर 937/28 – 30 पर एक अत्याधुनिक ओवरब्रिज (रेलवे ऊपरगामी सेतु) का निर्माण किया जाएगा।
ट्रेन आती थी, शहर रुक जाता था
कल्पना कीजिए उस दृश्य की: पांढुर्णा का यह फाटक सीधा नागपुर–नई दिल्ली जैसे व्यस्ततम रेलखंड पर है। जैसे ही फाटक बंद होता था, दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं। स्कूली बच्चों को देर होती थी, मरीज़ों की एम्बुलेंस फंसी रह जाती थी, और व्यापारियों का समय बर्बाद होता था। यह फाटक सिर्फ एक बाधा नहीं, बल्कि पांढुर्णा के विकास की गति को थामने वाला एक ‘स्पीड ब्रेकर’ बन गया था।
अब यह भव्य ओवरब्रिज न केवल इन कतारों को खत्म करेगा, बल्कि अमरावती, वरुड, नरखेड़ जैसे महत्वपूर्ण शहरों से जुड़ने वाले इस मार्ग पर यातायात को निर्बाध, सुरक्षित और तेज़ बना देगा।
वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, विकास को मिलेगी नई उड़ान
इस परियोजना को शासन की व्यय समिति की 112वीं बैठक में वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारिक संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनका मानना है कि यह पुल पांढुर्णा के लिए केवल एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि व्यापार, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को एक नई दिशा देने वाला मील का पत्थर है। अब पांढुर्णा की सड़कें जाम नहीं होंगी, बल्कि यह पुल क्षेत्र के विकास के लिए एक ‘खुला रास्ता’ साबित होगा।
नेतृत्व का सामूहिक प्रयास: पक्ष-विपक्ष की साझा जीत
इस महत्वपूर्ण सौगात को पांढुर्णा तक लाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका निर्णायक रही। यह सफलता किसी एक पक्ष के प्रयास का नहीं, बल्कि पक्ष और विपक्ष दोनों की साझा, ज़ोरदार पैरवी का परिणाम है।
- सांसद विवेक ‘बंटी’ साहू और पूर्व मंत्री नानाभाऊ मोहोड़ ने लगातार इस जनहित की मांग को शासन-प्रशासन के सामने मजबूती से रखा और संवाद बनाए रखा, जिसके परिणामस्वरूप इतने बड़े बजट की परियोजना को इतनी जल्दी स्वीकृति मिल पाई।
- वहीं, स्थानीय विधायक निलेश उइके ने भी इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए, इसे कई बार विधानसभा में प्रमुखता से उठाया और सरकारी मंचों पर इसकी मांग दोहराई। उनके निरंतर प्रयासों ने इस विषय को राजनीतिक एजेंडे में शीर्ष पर बनाए रखा।
नागरिकों ने इस साझा प्रयास के लिए सांसद विवेक ‘बंटी’ साहू, विधायक निलेश उइके, पूर्व मंत्री नानाभाऊ मोहोड़, जिला भाजपा अध्यक्ष संदीप मोहोड और नगर पालिका अध्यक्ष संदीप घाटोड़े का आभार व्यक्त किया है। यह परियोजना दिखाती है कि जब जनहित का मामला हो, तो जनप्रतिनिधि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करते हैं।


