जंगल की पाठशाला: मोही जलाशय में गूंजी छात्रों की हंसी, सीखा ‘मैं भी बाघ’ का मतलब!

पांढुर्णा के मोही जलाशय के घने जंगलों में आज सन्नाटा नहीं, बल्कि बच्चों की किलकारियां गूंज उठीं। वन विभाग द्वारा आयोजित ‘अनुभूति कैंप’ में 122 छात्र-छात्राओं के लिए ‘जंगल की पाठशाला’ सजाई गई। सीसीएफ श्री मधु व्ही राज और डीएफओ श्री सचिन एच. नडगड्डी के निर्देशन में बच्चों ने मास्टर ट्रेनर जगदीश प्रसाद शिवहरे से जाना कि हम सिर्फ इंसान नहीं, बल्कि ‘धरती के दूत’ हैं। छात्रों ने दूरबीन से पक्षियों को निहारा, प्रकृति पथ पर ट्रैकिंग की और “मैं भी बाघ” व “हम हैं बदलाव” जैसे रोमांचक विषयों पर चर्चा की। जंगल के बीचों-बीच स्वादिष्ट भोजन और क्विज प्रतियोगिता ने बच्चों का उत्साह दोगुना कर दिया। कार्यक्रम के अंत में नन्हे हाथों ने प्रकृति को बचाने की शपथ ली। इस मौके पर वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रभुराम मुछाला सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। यह अनुभव बच्चों के लिए किसी जादुई सफर से कम नहीं था।
एक्शन मोड में अफसर: छात्रावासों में ‘सरप्राइज विजिट’, भोजन से लेकर बिस्तर तक सब खंगाला

पांढुर्णा और सौंसर में आज प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रावासों का औचक निरीक्षण कर हड़कंप मचा दिया। कलेक्टर के निर्देश पर सीईओ जनपद बंधु सूर्यवंशी ने पांढुर्णा के सीनियर कन्या छात्रावास में दबिश दी। उन्होंने न सिर्फ स्टॉक रजिस्टर का मिलान किया, बल्कि किचन में जाकर खुद देखा कि बच्चों को मेन्यू के अनुसार खाना मिल रहा है या नहीं। गद्दे, पंखे और सीसीटीवी कैमरों की भी बारीक जांच की गई। उधर, ग्राम नानंदवादी और गायखुरी आश्रम में एसडीएम गौरव सिंह रघुवंशी और सीईओ ने संयुक्त मोर्चा संभाला। वहीं सौंसर में सीईओ प्रफुल लवाहे और बीईओ रश्मि कुसरे ने आदिवासी छात्रावासों में बच्चों से सीधा संवाद किया और पूछा- “कोई दिक्कत तो नहीं?” निरीक्षण के बाद अधीक्षकों को दो टूक निर्देश दिए गए हैं कि लापरवाही मिली तो खैर नहीं। अधिकारियों की इस सख्ती से व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद जागी है।
खुशखबरी: कल 1 बजे बजेगी खुशियों की घंटी! सीएम ‘सिंगल क्लिक’ से देंगे संबल की सौगात
पांढुर्णा के श्रमिक परिवारों के लिए कल (मंगलवार) का दिन बेहद खास होने वाला है। नगरपालिका परिषद ने मुनादी कर दी है कि कल, 16 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के तहत अनुग्रह सहायता राशि बांटी जाएगी। आपको बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, क्योंकि माननीय मुख्यमंत्री जी भोपाल से ‘सिंगल क्लिक’ दबाते ही पैसा सीधे आपके खातों में भेज देंगे। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दोपहर 1:00 बजे नगरपालिका सभाकक्ष में बड़ी स्क्रीन पर किया जाएगा। सीएमओ ने सभी हितग्राहियों से अपील की है कि वे इस पल का गवाह बनने के लिए समय पर उपस्थित रहें। सरकार की यह पहल गरीब परिवारों के लिए बड़ा सहारा साबित होगी।
युवाओं के हुनर को मिलेंगे नए पंख! 17 को पांढुर्णा में जुटेंगे जिले के दिग्गज अधिकारी
पांढुर्णा के युवाओं के भविष्य और रोजगार को लेकर प्रशासन अब ‘फुल गियर’ में है। कलेक्टर महोदय के कड़े निर्देशों के बाद, आगामी 17 दिसंबर (बुधवार) को शासकीय आईटीआई पांढुर्णा में ‘डिस्ट्रिक्ट स्किल कमिटी’ (DSC) की एक हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाई गई है। दोपहर 2 बजे होने वाली इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ, महाप्रबंधक उद्योग केंद्र, और रोजगार अधिकारियों सहित जिले के सभी ‘थिंक टैंक’ मंथन करेंगे। एजेंडा साफ़ है- युवाओं के कौशल को कैसे निखारा जाए और उन्हें रोजगार से कैसे जोड़ा जाए। आईटीआई प्राचार्य ने सभी संबंधित विभागों को समय पर उपस्थित रहने का अल्टीमेटम दिया है, ताकि जिले के विकास की गाड़ी रफ़्तार पकड़ सके।
ग्राम उटेकटा में दिखा गजब का जज्बा: छात्रों ने पसीना बहाकर रोका पानी, दिया ‘जल ही जीवन’ का संदेश

कहते हैं युवा ठान लें तो बंजर में भी फूल खिला सकते हैं। सौंसर विकासखंड के ग्राम उटेकटा में आज यही देखने को मिला, जहाँ एमएसडब्ल्यू और बीएसडब्ल्यू के छात्र-छात्राओं ने तपती धूप में श्रमदान कर मिसाल पेश की। जल संचय अभियान के तहत, इन युवाओं ने ‘बोरी बंधान’ बनाकर बहते पानी को रोका और सूखी धरती की प्यास बुझाई। जन अभियान परिषद और नवांकुर संस्था के मार्गदर्शन में हुए इस कार्य में बताया गया कि “पानी की एक-एक बूंद अनमोल है।” परामर्शदाता सुभाष ठाकरे और छात्रों की टोली ने न केवल पसीना बहाया, बल्कि ग्रामीणों को समझाया कि अगर आज पानी नहीं बचाया, तो कल जीवन नहीं बचेगा। यह प्रयास वाकई सराहनीय है।

