एक्शन मोड में कलेक्टर,अधिकारियों को दी ‘डेडलाइन’, कहा जनसमस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं

पांढुर्णा। जिला कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा (TL) प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिले की प्रशासनिक मशीनरी को सख्त संदेश दिया है। बैठक में न केवल लंबित फाइलों का निपटारा हुआ, बल्कि विकास की नई इबारत भी लिखी गई। कलेक्टर ने सौंसर में नवीन केन्द्रीय विद्यालय और पांढुर्णा में फायर स्टेशन के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, डिजिटल इंडिया के तहत ग्राम रामाकोना को ‘अटल सेवा केंद्र’ से जोड़ने की पहल को सराहा गया। बैठक का सबसे अहम पहलू जन शिकायतों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ रहा; हिवरासेनाडवार में क्रेशर ब्लास्टिंग की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई और सीएम हेल्पलाइन के मामलों को ‘कल शाम 4 बजे’ तक निपटाने का अल्टीमेटम अधिकारियों की कार्यशैली में कसावट लाने वाला है। छात्रावासों के औचक निरीक्षण में मिली खामियों पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने अधीक्षकों की क्लास लगाने के भी संकेत दिए हैं। सुशासन सप्ताह के तहत अब फाइलों का मूवमेंट तेज होगा, जिससे आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
जल जीवन मिशन का कमाल: बूंद-बूंद को तरसते मोरघाट में अब घर-घर बह रही जलधारा, बदली 49 परिवारों की तकदीर

पांढुर्णा। कल तक जिस मोरघाट गांव की पहचान जल संकट और महिलाओं के सिर पर रखे पानी के बर्तनों से होती थी, आज वहां की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। ग्राम पंचायत लोनादेही का यह छोटा सा गांव ‘जल जीवन मिशन’ की सफलता की जीती-जागती मिसाल बन गया है। यहां रहने वाले सभी 49 परिवारों के घरों में अब नल से शुद्ध जल पहुँच रहा है। प्रशासन की इच्छाशक्ति ने न केवल ग्रामीणों को पानी के लिए मीलों भटकने से मुक्ति दिलाई है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में भी सुधार किया है। सबसे खास बात यह है कि गांव की महिलाएं अब खुद ‘वाटर टेस्टर’ बन गई हैं; उन्हें फील्ड टेस्ट किट से पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया है। डब्ल्यूक्यूएमआईएस पोर्टल पर दर्ज आंकड़े और ग्रामीणों के चेहरे की मुस्कान बता रही है कि अगर योजना का सही क्रियान्वयन हो, तो सुदूर अंचलों में भी स्थायी बदलाव लाया जा सकता है। मोरघाट अब ‘हर घर जल’ प्रमाणित ग्राम बनकर जिले के लिए प्रेरणास्त्रोत है।
सेहत की सौगात: पांढुर्णा में कल से सजेगा ‘शुद्धता का बाजार’, हर गुरुवार मिलेगा रसायनों से मुक्त अनाज और सब्जियां

पांढुर्णा। जहर मुक्त खेती और स्वास्थ्यवर्धक खानपान को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन एक शानदार पहल करने जा रहा है। कल, यानी 18 दिसंबर से शहर की सब्जी मंडी (शुक्रवार बाजार) में साप्ताहिक ‘जैविक/प्राकृतिक हाट’ का शुभारंभ होगा। अब शहरवासियों को हर गुरुवार सुबह 9 बजे से ताजी सब्जियां, फल, श्री अन्न (मिलेट्स), शुद्ध गुड़, हल्दी और कच्ची घानी का तेल एक ही छत के नीचे मिल सकेगा। यह हाट केवल बाजार नहीं, बल्कि एक भरोसा है कि आपकी थाली में जो परोसा जा रहा है, वह रसायनों से मुक्त है। इससे स्थानीय जैविक खेती करने वाले किसानों को सीधा मंच मिलेगा और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। कलेक्टर के मार्गदर्शन में शुरू हो रही इस हाट में पांढुर्णा के जागरूक नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपनी सेहत और धरती की सेहत सुधारने के लिए इस मुहिम का हिस्सा जरूर बनें।
युवाओं के सपने हुए सच: आई.टी.आई. में लगा रोजगार का मेला, 11 कंपनियों ने 54 युवाओं को दिया नौकरी का ऑफर

पांढुर्णा। हुनरमंद हाथों को काम दिलाने के उद्देश्य से शासकीय आई.टी.आई. में आयोजित ‘युवा संगम’ (रोजगार मेला) युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया। कलेक्टर श्री वशिष्ठ की अध्यक्षता में आयोजित इस मेले में स्किल इंडिया मिशन और ‘सीखो-कमाओ योजना’ को धरातल पर उतारने की कवायद दिखी। मेले में 11 नामचीन कंपनियों ने अपना स्टॉल लगाया, जहां 74 युवाओं ने पंजीयन कराया। इंटरव्यू और स्क्रीनिंग के बाद 54 अभ्यर्थियों का चयन मौके पर ही कर लिया गया, जिन्हें अब प्रशिक्षण के साथ रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। जिला कौशल समिति की बैठक में कलेक्टर ने साफ किया कि सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि आज के दौर में कौशल विकास (Skill Development) ही करियर की चाबी है। चयनित युवाओं के चेहरे पर भविष्य संवरने की खुशी साफ झलक रही थी।
श्वेत क्रांति की ओर पांढुर्णा: दुग्ध समृद्धि अभियान का दूसरा चरण शुरू, पशुपालकों की आय बढ़ाने घर-घर दस्तक देगा विभाग

पांढुर्णा। जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ‘दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान’ के दूसरे चरण का आज से आगाज हो गया है। चौरई विकासखंड से शुरू हुए इस अभियान का मुख्य फोकस उन किसानों पर है जिनके पास 5 से 9 पशु हैं। पशुपालन विभाग का अमला अब घर-घर जाकर तीन मूल मंत्रों—नस्ल सुधार, पशु पोषण और स्वास्थ्य—पर काम करेगा। सबसे महत्वपूर्ण पहल ‘सेक्स्ड सॉर्टेड सीमन’ का उपयोग है, जिससे 90% बछिया (मादा पशु) पैदा होने की संभावना होती है, जो भविष्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाएंगी। इसके अलावा पशुओं के पेट के कीड़े मारने और हरे चारे के प्रबंधन की जानकारी भी दी जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य स्पष्ट है—वैज्ञानिक तरीके अपनाकर पांढुर्णा को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और अग्रणी बनाना।
खेल के मैदान में बेटियों का डंका: केंद्रीय विद्यालय की छात्राओं ने सांसद खेल महोत्सव में लहराया परचम, जिले में बनीं चैंपियन

पांढुर्णा। पढ़ाई के साथ-साथ खेल के मैदान में भी पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पांढुर्णा की बेटियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। छिंदवाड़ा में आयोजित सांसद खेल महोत्सव 2025 में विद्यालय की टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले में प्रथम स्थान हासिल किया है। अंडर-17 बालिका कबड्डी टीम ने आंचल बेलखाड़े और आरोही असतकर की कप्तानी में विपक्षी टीमों को एकतरफा मुकाबलों में धूल चटा दी। वहीं, बास्केटबॉल के कोर्ट पर भूमिका पांड्रे और श्रेया उइके की अगुवाई में अंडर-14 टीम ने ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक जीत का सिलसिला जारी रखा। इन खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है कि अनुशासन और सही मार्गदर्शन मिले तो छोटे शहर की प्रतिभाएं भी बड़े मंच पर चमकने का दम रखती हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरा विद्यालय परिवार गौरवान्वित है।
हम हैं धरती के दूत: जंगल के बीच लगी बच्चों की पाठशाला, 124 विद्यार्थियों ने प्रकृति की गोद में ली पर्यावरण बचाने की शपथ

पांढुर्णा। चारदीवारी से बाहर निकलकर जब बच्चों ने प्रकृति को करीब से देखा, तो उनका रोमांच देखते ही बनता था। वन विभाग द्वारा चिरकुटागोधी जलाशय के पास आयोजित एक दिवसीय ‘अनुभूति कैंप’ में 124 स्कूली बच्चों को जंगल, वन्यजीव और पर्यावरण का पाठ पढ़ाया गया। “हम हैं धरती के दूत” की थीम पर आयोजित इस शिविर में बच्चों ने मास्टर ट्रेनर्स के साथ जंगल की सैर की, पक्षियों को निहारा और पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को समझा। किताबों से इतर, पेड़-पौधों और वन्यजीवों के बीच गुजरता वक्त बच्चों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं था। क्विज प्रतियोगिता और खेलों के जरिए उन्हें बताया गया कि बाघ और जंगल हैं, तभी मानव जीवन सुरक्षित है। कार्यक्रम का समापन नन्हे पर्यावरण प्रहरी के रूप में प्रकृति संरक्षण की शपथ के साथ हुआ।

