पांढुर्णा। “समाज वही प्रगति करता है जहाँ युवाओं के जोश के साथ बुजुर्गों का अनुभव जुड़ता है।” इसी सोच के साथ पांढुर्णा तेली समाज ने संगठन को मजबूती देने के लिए एक नई और सकारात्मक पहल की है। समाज के अध्यक्ष श्री भूषण केवटे की अध्यक्षता और प्रबुद्ध जनों की मौजूदगी में समाज की ‘सलाहकार समिति’ का गठन किया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से वरिष्ठ और अनुभवी समाजसेवी श्री खेमराज जी तितरे को सलाहकार समिति का अध्यक्ष चुना गया है। उनके नाम पर मुहर लगते ही उपस्थित समाज बंधुओं ने तालियों से स्वागत किया।
क्यों खास है यह सलाहकार समिति? (उद्देश्य और कार्य)
इस समिति का गठन समाज को सही दिशा दिखाने और एकजुट रखने के लिए किया गया है। इसके प्रमुख कार्य होंगे:
- अनुभवी मार्गदर्शन: समाज के विकास कार्यों में कार्यकारिणी को अपने अनुभव से सही सलाह देना।
- सकारात्मक बदलाव: समाज में फिजूलखर्ची और पुरानी रूढ़ियों को कम कर, आधुनिक और प्रगतिशील सोच को बढ़ावा देना।
- सामाजिक समरसता: समाज या परिवार में होने वाले किसी भी प्रकार के आपसी मनमुटाव या मतभेदों को सामाजिक स्तर पर ही, आपसी सूझबूझ और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सुलझाना, ताकि समाज में भाईचारा और एकता अटूट रहे।
बैठक में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति:
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ नागरिक, पदाधिकारी और युवा बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रमुख रूप से उपस्थित जनों में:
सुनिलजी घाटोडे, देविका भांगे (महिला अध्यक्ष), राजु कोल्हे, रेवती घोडे, प्रशांत गायधने, विष्णु लेन्डे, डॉ. रामभाउ मेटागंगे, एडवोकेट विजयजी केवटे, सुभाष केवटे, वसंता जी लेन्डे, शंकरराव भद्रे, रामेश्वर खांडे, राहुल मदनकर (पिपला अध्यक्ष), राजुजी रेवतकर एवं नरेश वघाले शामिल रहे।
इनके साथ ही देवेन्द्र बारई, जयंत घोडे, काशी बालपांडे, मनिष मेटागंगे, लेखराज बालपांडे, शेषराव रेवतकर, रविंद्र बावनकर, कैलाश बावनकर, विजय गुगुस्कर, हर्षद घाटोडे, ललीत कलम्बे, सुनिल कवडे, अमित रेवतकर, वामन घाटोडे, दिलीप खुरसंगे, पुरुषोत्तम वघाले, मनोज घोडे और गिरिष कोरडे ने उपस्थित होकर संगठन की एकता का परिचय दिया।


