युवा शक्ति बनेगी शासन और समाज के बीच का मजबूत सेतु, नेतृत्व क्षमता विकास के लिए मिला ‘सफलता का मंत्र’

पांढुर्णा। किसी भी समाज की तरक्की वहां के युवाओं की सोच और नेतृत्व क्षमता पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य को लेकर रविवार को विकासखंड सौंसर में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के तहत एक विशेष सत्र का आयोजन हुआ। यहाँ जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक अखिलेश जैन ने छात्रों में नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने सिर्फ किताबी बातें नहीं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने के व्यावहारिक गुर सिखाए। श्री जैन ने स्पष्ट किया कि जन अभियान परिषद केवल एक संस्था नहीं, बल्कि शासन और समाज को जोड़ने वाला एक सेतु है।
कक्षा का माहौल तब और भी उत्साहजनक हो गया जब विद्यार्थियों को ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश अभियान’ के तहत नशा मुक्ति, जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे बड़े बदलावों का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया गया। विकासखंड समन्वयक अनिल बोबडे ने भी छात्रों से समयबद्ध तरीके से काम करने की अपील की। इस दौरान मेंटर्स और छात्रों की भारी उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि पांढुर्णा का युवा अब नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए महज एक क्लास नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला अनुभव रहा।
2. चेहरों पर खिली मुस्कान: समाज सेवा का संकल्प लेकर छात्रों ने थामी डिग्रियां, अब बदलेंगे गांवों की तस्वीर

पांढुर्णा/मोहखेड़। मेहनत के बाद जब सफलता हाथ में आती है, तो चेहरे की चमक देखने लायक होती है। कुछ ऐसा ही नजारा मोहखेड़ के सांदीपनी विद्यालय में देखने को मिला, जब एमएसडब्ल्यू (MSW) उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को उनकी अंकसूचियां बांटी गईं। यह महज कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि समाज सेवा की एक बड़ी जिम्मेदारी थी जो उन्हें सौंपी गई। कार्यक्रम में भाजपा जिला उपाध्यक्ष सदन साहू ने छात्रों को याद दिलाया कि उनकी असली परीक्षा अब शुरू होगी, जब वे शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएंगे।
इस मौके की खास बात यह रही कि भोपाल से टास्क मैनेजर प्रियंका दुबे ने वर्चुअली जुड़कर छात्रों का हौसला बढ़ाया। जिला समन्वयक अखिलेश जैन ने छात्रों को अपने ‘प्रयोगशाला ग्राम’ में जाकर जमीनी स्तर पर काम करने और ‘ग्रामोदय से अभ्युदय’ अभियान को सफल बनाने का मूलमंत्र दिया। ब्लॉक समन्वयक भवानीप्रसाद कुमरे ने बताया कि इस कोर्स का लक्ष्य सस्टेनेबल डेवलपमेंट है। डिग्रियां हाथों में लिए इन युवाओं की आंखों में समाज को बदलने का एक नया सपना और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था।
3. हरियाणा की ‘मुर्रा भैंसों’ से अब पांढुर्णा में बहेगी दूध की धारा, किसानों की पसंद और सरकारी मदद ने बदली किस्मत

पांढुर्णा। अच्छी नस्ल के पशु मिल जाएं तो किसान की तकदीर बदल सकती है। पांढुर्णा जिले में डेयरी प्लस योजना ने 6 हितग्राहियों के चेहरों पर ऐसी ही खुशी बिखेर दी है। जिले के इन पशुपालकों को हरियाणा के करनाल से लाई गई उच्च नस्ल की 12 दुधारू ‘मुर्रा भैंसें’ मिली हैं। इस योजना की सबसे खास और रोचक बात यह रही कि हितग्राहियों ने खुद करनाल जाकर अपनी पसंद की भैंसें चुनीं, जिन्हें सुरक्षित पांढुर्णा तक लाया गया।
एक इकाई की लागत करीब 2.95 लाख रुपये है, जिस पर शासन द्वारा आरक्षित वर्ग को 75% और सामान्य वर्ग को 50% तक का भारी अनुदान दिया गया है। उपसंचालक डॉ. एच.जी.एस. पक्षवार के मार्गदर्शन में हुआ यह वितरण क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। लाभार्थियों ने बताया कि अपनी मर्जी से पशु चुनने की आजादी और सरकार की आर्थिक मदद ने उन्हें आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है। यह पहल जिले में श्वेत क्रांति की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
4. शहर की सेहत से कोई समझौता नहीं: सीएमओ ने परखी पानी की गुणवत्ता, लैब से लेकर अंतिम छोर तक सघन जांच

पांढुर्णा। ‘जल ही जीवन है’, लेकिन अगर वह शुद्ध हो तभी वह स्वास्थ्य का आधार बनता है। इसी जिम्मेदारी को निभाने के लिए रविवार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजकुमार इवनाती एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने जूनेवानी स्थित फिल्टर प्लांट का औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि शहरवासियों के हलक तक पहुंचने वाला पानी पूरी तरह सुरक्षित हो। सीएमओ ने सीधे लैब में पहुंचकर केमिस्ट द्वारा किए जा रहे जल परीक्षणों की बारीकी से जांच की। राहत की बात यह रही कि सभी रिपोर्टों में पानी पीने योग्य और मानकों पर एकदम खरा पाया गया।
निरीक्षण केवल प्लांट तक सीमित नहीं रहा; उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि शहर की पानी टंकियों की नियमित और गहन सफाई की जाए। सबसे अहम बात यह रही कि प्रशासन अब पानी की पाइपलाइन के ‘अंतिम छोर’ (Last Mile) तक जाकर टेस्ट किट के माध्यम से क्लोरीन की मात्रा जांच रहा है, ताकि आखिरी घर तक भी शुद्ध पानी ही पहुंचे। इस दौरान सहायक यंत्री सोनू सकवार और उपयंत्री विवेक बेलिया सहित पूरी टीम मौजूद रही। प्रशासन की यह सक्रियता नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाती है।

