एक्शन मोड में पांढुर्णा: माफिया पर ‘वार’ और बुजुर्गों को ‘प्यार’, नक्शा बदलने की तैयारी के बीच युवाओं को ‘रोजगार’ और आस्था को मिला नया ‘आकार'”

पांढुर्णा का बदलने वाला है नक्शा? 30 दिन में तय होगी नई सीमाएं

पांढुर्णा। जिले के प्रशासनिक नक्शे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। क्या पांढुर्णा में पड़ोसी जिलों के कुछ नए गाँव या तहसीलें जुड़ेंगी? इस पर मंथन शुरू हो गया है। प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के सदस्यों ने जिले के अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की है। भौगोलिक स्थिति और जनता की सुविधा को देखते हुए कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ को 30 दिनों के भीतर एक विस्तृत प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि सीमाओं का निर्धारण करते समय आम जनता की राय और उनकी सांस्कृतिक-व्यावहारिक सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जाएगा। जल्द ही जिले की एक नई और सशक्त तस्वीर सामने आ सकती है।

 सावधान! सस्ते प्लॉट के चक्कर में डूब न जाए पैसा, प्रशासन ने उखाड़े अवैध कॉलोनी के बोर्ड

पांढुर्णा। अगर आप भी शहर के आसपास सस्ता प्लॉट खोज रहे हैं, तो जरा संभल जाएं। भू-माफिया बिना अनुमति के खेतों में लाइनें डालकर आपको फंसा सकते हैं। प्रशासन ने अब ऐसे कॉलोनाइजरों पर शिकंजा कस दिया है। खैरी पंथावली रोड पर विकसित हो रही एक अवैध कॉलोनी पर राजस्व अमले ने छापा मारकर वहां लगे लुभावने विज्ञापन बोर्ड और झंडे उखाड़ फेंके। प्रशासन ने नागरिकों को ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए कहा है कि जिस जमीन का डायवर्जन और रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन न हो, वहां एक रुपया भी निवेश न करें, वरना आपकी गाढ़ी कमाई डूब सकती है और निर्माण पर बुलडोजर चल सकता है।

 कलयुगी बेटों ने घर से निकाला, एसडीएम बने ‘श्रवण कुमार’, 73 वर्षीय माँ को दिलाया हक

सौंसर। रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना में जब 73 वर्षीय लक्ष्मीबाई घायवट को उनके ही अपनों ने घर से बेदखल कर दिया, तो प्रशासन ने बेटे का फर्ज निभाया। बुजुर्ग माँ किराये के मकान में रहने को मजबूर थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और एसडीएम सिद्धार्थ पटेल की कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। एसडीएम ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ‘वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम’ के तहत तुरंत फैसला सुनाया और पुलिस की मदद से उन्हें ससम्मान उनका घर वापस दिलाया। अपनी छत वापस पाकर बुजुर्ग माँ की आँखें भर आईं और उन्होंने माना कि कानून के हाथ वाकई मजबूत और संवेदनशील होते हैं।

 खाकी की ‘क्लास’: पुलिस ने बच्चों को दिया फ्रेंडशिप बैंड, सिखाया साइबर ठगों से बचना

पांढुर्णा। पुलिस का नाम सुनकर डरने वाले बच्चों के चेहरों पर अब मुस्कान है। पांढुर्णा पुलिस ने ‘सृजन कार्यक्रम’ के तहत स्कूली बच्चों के साथ एक खास संवाद किया। थाने में आयोजित इस क्लास में एसडीओपी और टीआई ने बच्चों को समझाया कि पुलिस उनकी दोस्त है। वहीं, साइबर सेल के एक्सपर्ट्स ने बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरे बताए। उन्होंने ‘गुरुमंत्र’ दिया कि सोशल मीडिया पर कभी भी अनजान लोगों से दोस्ती न करें और अपनी निजी तस्वीरें शेयर न करें। इस पहल का मकसद बच्चों को जागरूक और निडर बनाना है, ताकि वे अपराध के खिलाफ आवाज उठा सकें।

 भव्य होगा 2026 का ‘राम रथ’: बापू बालपांडे ने दिए 2 लाख, पीतल की मूर्तियों से सजेगी पदयात्रा

पांढुर्णा। प्रसिद्ध जामसांवली पदयात्रा 2026 में भक्तों को एक दिव्य अनुभूति होगी। जनमानस द्वारा दान किए गए पीतल के बर्तनों से बनीं प्रभु श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण जी की एक क्विंटल वजनी मूर्तियों के लिए अब एक भव्य ‘राम रथ’ तैयार किया जा रहा है। इस धर्मकार्य में विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड संयोजक गणेश (बापू) बालपांडे ने 2 लाख रुपये की सहयोग राशि देकर एक मिसाल पेश की है। पदयात्रा समिति ने बताया कि यह रथ यात्रा का मुख्य आकर्षण होगा। हजारों भक्त जब इस रथ को खींचते हुए हनुमान मंदिर पहुंचेंगे, तो वह दृश्य अद्भुत होगा।

 युवाओं के लिए ‘गुड न्यूज’: 13 को रोजगार मेला, सौंसर में ही मिलेगी 13 हजार तक की नौकरी

पांढुर्णा। रोजगार की तलाश में भटक रहे स्थानीय युवाओं के लिए अच्छी खबर है। अब नौकरी के लिए उन्हें बड़े शहरों की खाक नहीं छाननी पड़ेगी। 13 जनवरी को शासकीय आईटीआई छिंदवाड़ा में एक बड़ा प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित होने जा रहा है। इसमें सौंसर की वैभव इंटरप्राइजेस कंपनी युवाओं का चयन करेगी। 18 से 30 साल के आईटीआई (फिटर, इलेक्ट्रीशियन) या डिप्लोमा पास युवा इसमें भाग ले सकते हैं। खास बात यह है कि चयनित युवाओं को 10 से 13 हजार रुपये महीने की सैलरी के साथ-साथ सौंसर (पांढुर्णा) में ही काम करने का मौका मिलेगा।

 सड़क पर ‘मनमानी’ अब नहीं चलेगी: पुलिस का हंटर चला, 155 पर चालान, ट्रैक्टरों पर लगे रेडियम

पांढुर्णा। ‘सड़क सुरक्षा माह’ के तहत पुलिस अब एक्शन मोड में आ गई है। नियमों को ठेंगा दिखाने वाले वाहन चालकों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। एक विशेष अभियान के तहत पुलिस ने एक ही दिन में 155 लापरवाह चालकों के चालान काटे, जिनमें बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाले शामिल थे। इसके अलावा, रात के अंधेरे में होने वाले हादसों को रोकने के लिए पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर चमकदार रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए। पुलिस की अपील साफ है—घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है, इसलिए चालान के डर से नहीं, अपनी सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें।

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