May 14, 2026 12:20 pm

पांढुर्णा के विकास को मिली नई उड़ान: प्रभारी मंत्री के दौरे में स्वास्थ्य, सिंचाई और अधोसंरचना पर लिए गए बड़े फैसले

नवगठित पांढुर्णा जिले को मध्य प्रदेश के एक आदर्श और विकसित जिले के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। सोमवार को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पांढुर्णा का सघन दौरा किया। यह दौरा जिले के चहुंमुखी विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। मंत्री जी ने न केवल करोड़ों रुपये के नए शासकीय भवनों और अस्पताल के निर्माण स्थलों का जायजा लिया, बल्कि जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में स्वास्थ्य, सिंचाई, शिक्षा और कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा भी की। शासन की हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इस लक्ष्य के साथ संपन्न हुए इस दौरे से जुड़ी 8 सबसे प्रमुख और सकारात्मक बातें नीचे दी गई हैं:

1. नए जिला अस्पताल और हाई-टेक प्रशासनिक भवनों की तैयारी

प्रभारी मंत्री ने कलमगांव मंडी में प्रस्तावित सर्वसुविधायुक्त नए जिला अस्पताल के स्थल का निरीक्षण किया। इसके साथ ही नए कलेक्टर कार्यालय और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के निर्माण कार्यों का जायजा लेकर अधिकारियों को काम में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। इन भवनों के बनने से आम जनता को सभी सरकारी सुविधाएं एक ही जगह और आसानी से मिल सकेंगी।

2. किसानों के लिए संजीवनी: सिंचाई कॉम्प्लेक्स और 12.5 लाख का मुआवजा

जिले में कृषि को बढ़ावा देने के लिए ‘छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स’ का काम तेजी से चल रहा है। इस परियोजना से 89,903 हेक्टेयर जमीन को पानी मिलेगा। सबसे अच्छी खबर यह है कि डूब क्षेत्र में आने वाले किसानों को सरकार ने विशेष भू-अर्जन पैकेज दिया है। अब किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा 3-4 लाख रुपये से बढ़ाकर लगभग 12.5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक मिलेगा, और साथ ही पुनर्वास के लिए 25 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी मिलेगी।

3. खाद के लिए लाइनों से मुक्ति: ‘ई-विकास प्रणाली’ का सफल प्रयोग

किसानों को खाद के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। जिले में ‘ई-विकास प्रणाली’ लागू कर दी गई है। अब किसान घर बैठे ई-टोकन बुक कर सकते हैं और अपनी बारी आने पर बिना लाइन में लगे पूरी खाद एक साथ उठा सकते हैं। अब तक 5025 किसान ई-टोकन बुक कर चुके हैं। पंचायत स्तर पर किसानों को इस प्रणाली का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

4. ‘हनुमान लोक’ का गौरव और बेहतर होती स्वास्थ्य सेवाएं

बैठक में बताया गया कि जामसांवली हनुमान मंदिर में 35 करोड़ रुपये की लागत से ‘हनुमान लोक’ का निर्माण एक बड़ी उपलब्धि है। स्वास्थ्य के मोर्चे पर, जिला अस्पताल को 2 नई डायलिसिस मशीनें मिल गई हैं और ब्लड बैंक का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। जिले की 57 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं और 2 लाख से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।

5. स्वच्छता और आवास योजना में पांढुर्णा ने लहराया परचम

पांढुर्णा ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में शानदार प्रदर्शन किया है। ऑन-डिमांड सफाई सेवा ‘वॉश ऑन व्हील्स प्लस’ (WoW) योजना में जिले ने पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को घर दिलाने में भी जिला पूरे प्रदेश में 5वीं रैंक पर है, जिससे हजारों परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।

6. कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष फोकस

जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। पुलिस कंट्रोल रूम का निर्माण अंतिम चरण में है और 40 अलग-अलग स्थानों पर 208 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना है। प्रभारी मंत्री ने पुलिस लाइन, परेड ग्राउंड और आवासीय भवनों के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया ताकि पुलिस बल को बेहतर माहौल मिल सके।

7. जन-समस्याओं पर ‘ऑन द स्पॉट’ एक्शन

बैठक में जब जनप्रतिनिधियों ने गंदे पेयजल की समस्या उठाई, तो मंत्री जी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 4 दिनों के भीतर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। इसके अलावा, जिले में केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय खोलने के प्रस्ताव भी शासन को जल्द से जल्द भेजने की तैयारी कर ली गई है।

8. अपराध मुक्त पांढुर्णा का संकल्प और सुशासन

बैठक के दौरान जब पूर्व जिलाध्यक्ष वैशाली महाले ने गौ-तस्करी और अवैध धंधों पर चिंता व्यक्त की, तो प्रभारी मंत्री ने इसे पूरी गंभीरता से लिया। जिले को पूर्णतः अपराध-मुक्त बनाने और पुलिस-प्रशासन को कुछ सख्त और गोपनीय रणनीतिक निर्देश देने के लिए मंत्री जी ने कुछ समय के लिए मीडिया से रिकॉर्डिंग बंद कर एकांत का आग्रह किया। यह कदम दर्शाता है कि प्रशासन कानून-व्यवस्था के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है और संवेदनशील मुद्दों पर त्वरित व ठोस निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।

निष्कर्ष:

प्रभारी मंत्री का यह दौरा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पांढुर्णा जिला अब विकास की पटरी पर पूरी रफ्तार से दौड़ने को तैयार है। नई तकनीकों के इस्तेमाल, किसानों और आम जनता के हित में लिए गए फैसलों और प्रशासनिक कसावट से जल्द ही पांढुर्णा एक खुशहाल और आदर्श जिला बनकर उभरेगा।