May 17, 2026 11:55 pm

पांढुर्णा जिले की प्रमुख हलचलें: विकास, स्वास्थ्य और जनभागीदारी से बदलती तस्वीर

किसानों की जनभागीदारी से निस्तारी तालाब का हो रहा कायाकल्प

पांढुर्ना वॉच |पांढुर्णा जिले के ग्राम पंचायत खेड़ीकला में किसानों की अनोखी जनभागीदारी देखने को मिल रही है। कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में आजनगांव, वाड़ेगांव और खेड़ीकला के किसान मिलकर निस्तारी तालाब का गहरीकरण कर रहे हैं। इस भगीरथ प्रयास का निरीक्षण प्रभारी जनपद पंचायत विनय प्रकाश ठाकुर ने किया और ग्रामीणों की इस पहल की जमकर सराहना की। यह कार्य जल संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भीषण गर्मी से पहले तालाबों को गहरा करने से आने वाले मानसून में बारिश का पानी अधिक मात्रा में सहेजा जा सकेगा। इससे न केवल ग्राउंड वाटर लेवल में सुधार होगा, बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त जल मिलेगा। यह शानदार पहल पूरे जिले के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

गिद्धों को बचाने की अनूठी पहल: वन विभाग का विशेष प्रशिक्षण

पांढुर्ना वॉच | पर्यावरण संतुलन में अहम भूमिका निभाने वाले गिद्धों के संरक्षण के लिए पांढुर्णा वनमंडल कार्यालय में एक विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। 22 से 24 मई तक पूरे मध्यप्रदेश में ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना होनी है। इसी कड़ी में उप वनमंडलाधिकारी चंचल पंवार ने फील्ड स्टॉफ को गिद्धों की पहचान और उनके संरक्षण के उपाय सिखाए। कर्मचारियों को मोबाइल एप्लिकेशन और प्रपत्रों के माध्यम से सटीक डेटा कलेक्शन की बारीकियां भी बताई गईं। गिद्धों की घटती संख्या पर्यावरण के लिए एक बड़ी चिंता का विषय रही है, ऐसे में यह प्रशिक्षण बहुत अहम है। वन संरक्षक कमल अरोरा के निर्देश पर हुए इस कार्यक्रम में सभी परिक्षेत्र अधिकारी मौजूद रहे, जो अब नई तकनीक के साथ गणना के लिए तैयार हैं।

किसानों के द्वार पहुंचा ‘कृषि रथ’, मिलेगी खेती की आधुनिक जानकारी

पांढुर्ना वॉच |साल 2026 को ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मनाते हुए पांढुर्णा तहसील परिसर से ‘कृषि रथ’ को हरी झंडी दिखाई गई। नगरपालिका अध्यक्ष संदीप घाटोडे और एसडीएम अल्का एक्का सहित अन्य अतिथियों ने इसे रवाना किया। यह रथ अगले 10 दिनों तक विभिन्न ग्राम पंचायतों में घूमकर किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखाएगा। कृषि वैज्ञानिक सीधे किसानों से जुड़कर प्राकृतिक खेती, मिट्टी परीक्षण और फसल विविधीकरण की जानकारी देंगे। सबसे खास बात यह है कि किसान अब उर्वरक पाने के लिए ‘बलराम’ मोबाइल ऐप से घर बैठे ई-टोकन बुक कर सकेंगे। इससे किसानों को खाद के लिए लंबी लाइनों में लगने से मुक्ति मिलेगी और खेती की राह आसान होगी।

ग्राम उमरी खुर्द में सजी ‘चौपाल’, जल संरक्षण पर हुआ महामंथन

पांढुर्ना वॉच |मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में पांढुर्णा ब्लॉक के ग्राम उमरी खुर्द में एक शानदार ‘ग्राम चौपाल’ का आयोजन हुआ। इस चौपाल में ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का मुख्य फोकस जल संरक्षण और गांवों को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने पर रहा। परामर्शदाता वर्षा खुरसंगे ने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक समरसता से ही गांव सशक्त बनेंगे। चौपाल केवल बातों तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीणों और छात्रों ने मिलकर उत्साहपूर्वक श्रमदान भी किया। इस तरह के आयोजनों से ग्रामीण जागरूक हो रहे हैं और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर अपने गांव की तस्वीर खुद बदल रहे हैं।

आदिवासी विकास को नई उड़ान: ‘सबसे दूर, सबसे पहले’ अभियान

पांढुर्ना वॉच जनजातीय वर्ग के उत्थान के लिए पांढुर्णा जिले में 18 से 25 मई तक ‘जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले’ महा-अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देश पर इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मकसद आदिवासी बहुल गांवों में शिविर लगाकर हर हितग्राही को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाना है। अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच, आजीविका संवर्धन और जन सुनवाई के विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। 21 से 23 मई तक अधिकारी गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और उनका मौके पर ही निपटारा करेंगे। सभी विभागों को प्रतिदिन की प्रगति पोर्टल पर अपलोड करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंच सके।

डेंगू के खिलाफ छिड़ी जंग: सिविल अस्पताल में चलाया गया जागरूकता अभियान

पांढुर्ना वॉच |पांढुर्णा के सिविल अस्पताल में ‘विश्व डेंगू दिवस’ के अवसर पर स्वास्थ्य कर्मियों को सतर्क और जागरूक किया गया। मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपेन्द्र सलामे की मौजूदगी में राज्य स्तर के विशेषज्ञों ने डेंगू के लक्षण और बचाव के उपाय बताए। खुशी की बात यह है कि साल 2025-26 में ब्लॉक में डेंगू का एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है। फिर भी, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को किसी भी क्षेत्र में बुखार के 5 से अधिक मरीज मिलने पर तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यशाला में तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और प्लेटलेट्स 40 हजार से कम होने जैसे गंभीर लक्षणों पर तत्काल अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई है।

मछली पालन से लिखी तकदीर, उमाजी सलामे बने युवाओं के प्रेरणास्रोत

पांढुर्ना वॉच |पांढुर्णा जिले के उमाजी सलामे ने कड़ी मेहनत और आधुनिक तकनीक के दम पर मछली पालन के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी है। सीमित संसाधनों से शुरुआत करने वाले उमाजी आज साल भर में 100 टन से ज्यादा मछलियों का उत्पादन कर रहे हैं। उन्हें अपने इस शानदार नवाचार के लिए ‘किसान सर्वोत्तम पुरस्कार’ से भी नवाजा जा चुका है। वे आदिवासी बिछुआ साहनी समिति के अध्यक्ष भी हैं और अपने प्रयासों से 21 परिवारों को रोजगार देकर उनकी आजीविका चला रहे हैं। उमाजी का मानना है कि सही योजना और तकनीक से मछली पालन एक बेहद मुनाफे का व्यवसाय है। उनकी यह सफलता की कहानी जिले भर के युवाओं के लिए एक शानदार मिसाल बन गई है।

मत्स्य उद्योग में सुनहरा मौका: 20 मई तक आवेदन आमंत्रित

पांढुर्ना वॉच |अगर आप मछली पालन में रुचि रखते हैं, तो ‘मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026’ के तहत आपके लिए एक शानदार मौका है। राज्य सरकार ने निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों से 20 मई तक आवेदन मांगे हैं। इस योजना का मकसद केज एक्वाकल्चर, एक्वापोनिक्स और ईको-टूरिज्म जैसी आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहित करना है। सरकार सरकारी और शहरी जलाशयों का वैज्ञानिक ढंग से व्यावसायिक उपयोग करना चाहती है। इससे न केवल मछली उत्पादन में भारी बढ़ोतरी होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इच्छुक व्यक्ति मत्स्य उद्योग विभाग में अपनी डीपीआर जमा करके इस लाभकारी योजना का हिस्सा बन सकते हैं।

‘जन भागीदारी’ अभियान की तैयारियां तेज, 52 आदि सेवा केंद्रों का निरीक्षण

पांढुर्ना वॉच |आगामी 18 से 25 मई तक चलने वाले ‘जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले’ अभियान को सफल बनाने के लिए पांढुर्णा का प्रशासनिक अमला मुस्तैद हो गया है। जनजातीय कार्य विभाग के अधीक्षकों ने जिले के 80 में से 52 आदि सेवा केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान रोजगार सहायकों और सचिवों को आगामी शिविरों और कार्यक्रमों की बारीकियों से अवगत कराया गया। उद्देश्य साफ है कि कोई भी आदिवासी हितग्राही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनता की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है।

पशु चिकित्सकों पर कसा शिकंजा: लोकेशन से बाहर मिले तो कटेगा वेतन

पांढुर्ना वॉच |पांढुर्णा और छिंदवाड़ा के पशु चिकित्सकों की एन.आई.सी. कक्ष में हुई मासिक समीक्षा बैठक में उपसंचालक डॉ. एच.जी.एस. पक्षवार ने सख्त तेवर दिखाए हैं। सभी डॉक्टरों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि उन्हें मुख्यालय पर ही रहना होगा और ‘सार्थक ऐप’ पर नियमित उपस्थिति (सुबह 9 से शाम 4 बजे) दर्ज करनी होगी। अगर कोई डॉक्टर लोकेशन से बाहर मिला या 6 घंटे से कम की ड्यूटी की, तो उसका वेतन सीधे तौर पर काट लिया जाएगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, गौशालाओं में नस्ल सुधार और एफएमडी टीकाकरण के लक्ष्यों को तय समय पर पूरा करने के कड़े निर्देश भी दिए गए हैं।

सौंसर के गांवों में ‘कृषि रथ’ की धूम, ई-टोकन से किसानों को मिली राहत

पांढुर्ना वॉच |पांढुर्णा जिले में ‘किसान कल्याण वर्ष 2026’ के तहत निकला कृषि रथ अब सौंसर विकासखंड के गांवों में पहुंच गया है। उटेकाटा, घोटी, रंगारी और बैरागढ़ जैसे गांवों में इस रथ ने भ्रमण कर किसानों को उन्नत खेती का संदेश दिया। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर ही ‘ई-विकास प्रणाली’ के माध्यम से किसानों के लिए खाद के ई-टोकन बुक कराए। इस तकनीक से किसानों को खाद मिलने में पारदर्शिता आएगी और उनका बहुत सारा समय बचेगा। रथ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और तकनीकी सुविधाओं का सीधा लाभ दिलाने का यह प्रयास बेहद सफल साबित हो रहा है।