पांढुर्ना |जब हुनर को पंख लगते हैं, तो शहर का नाम अपने आप रोशन हो जाता है! कुछ ऐसा ही कर दिखाया है हमारे पांढुर्णा के राम शांति विद्या मंदिर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने।
कहानी जीत की:
जबलपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव (2026) के अंतर्गत संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का मंच सजा था। मुकाबला कड़ा था और थीम थी— ‘सांस्कृतिक एवं नवाचार’। इस बड़े मंच पर पांढुर्णा के बच्चों ने अपने सामूहिक लोकनृत्य (Folk Dance) की ऐसी छटा बिखेरी कि वहां मौजूद हर शख्स और जज भी तालियां बजाने पर मजबूर हो गए।
अपनी अद्भुत कला और लयबद्ध प्रदर्शन के दम पर इन छात्रों ने तृतीय स्थान हासिल कर पूरे संभाग में पांढुर्णा का परचम लहराया है। यह जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
कलेक्टर ने बढ़ाया मान:
जीत कर लौटे इन नन्हें सितारों का स्वागत भी शानदार हुआ। पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने खुद इन विद्यार्थियों को अपने कार्यालय में आमंत्रित किया। उन्होंने बच्चों के हाथों में प्रमाण पत्र और ट्रॉफी सौंपकर न केवल उन्हें सम्मानित किया, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। कलेक्टर साहब ने माना कि यही बच्चे कल का भविष्य हैं और नवाचार की असली पहचान हैं।
एक नई उम्मीद:
यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि पांढुर्णा की छिपी हुई प्रतिभाओं की गूंज है। राम शांति विद्या मंदिर के इन छात्रों ने साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।


