
पांढुर्णा | क्या आपको भी आधार कार्ड बनवाने या अपडेट कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है? अगर हाँ, तो यह खबर आपके लिए राहत लेकर आई है। आज पांढुर्णा कलेक्ट्रेट में एक अहम बैठक हुई, जिसमें जिला प्रशासन ने ठान लिया है कि अब आधार सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर का सख्त रुख
आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में ‘जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति’ की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक का माहौल तब और गंभीर हो गया जब यूआईडीएआई (UIDAI) के डायरेक्टर स्टेट ऑफिस, श्री सुमित मिश्रा ने खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए कमान संभाली और जरूरी निर्देश दिए।
शहर के बड़े अधिकारी रहे मौजूद
यह बैठक कितनी अहम थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें प्रशासन और पुलिस के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे:
- सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) श्री सुंदर सिंह कनेश।
- प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एसडीएम श्रीमती अलका एक्का।
- स्वास्थ्य विभाग से सीएमएचओ श्री नरेश गोन्नाडे।
- तकनीकी पक्ष रखने के लिए असिस्टेंट ई-गवर्नेंस मैनेजर सुश्री टीना कड़वे।
आम जनता को क्या फायदा होगा?
बैठक में सिर्फ चाय-नाश्ता नहीं, बल्कि ठोस काम की बात हुई। मुख्य फोकस इन तीन चीजों पर रहा:
- तकनीकी सुधार: आधार सेंटरों पर बार-बार सर्वर डाउन या मशीन खराब होने के बहानों पर रोक लगेगी।
- पारदर्शिता (Transparency): आधार बनाने या सुधारने की प्रक्रिया पूरी तरह साफ-सुथरी होगी।
- सुगमता: आम नागरिक को आधार सेवाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
अधिकारियों ने अपने जमीनी अनुभव साझा किए और तय किया कि जिले में आधार सेवाओं की मॉनिटरिंग (निगरानी) अब और भी सख्त होगी।
निष्कर्ष
इस बैठक का सीधा संदेश यह है कि पांढुर्णा में आधार से जुड़ी सेवाओं को अब ‘स्मार्ट’ और ‘तेज़’ बनाया जाएगा। प्रशासन की यह पहल बताती है कि नागरिकों की सुविधा उनकी प्राथमिकता है।

