पांढुर्ना में मतदाता सूची ‘शुद्धिकरण महाअभियान’ शुरू: जानिए SIR की पूरी प्रक्रिया

पांढुर्ना (सुनील कवडे): भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देश पर, मतदाता सूची को त्रुटि रहित और मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा अभियान, विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR), शुरू किया जा रहा है। इस संबंध में, आज पांढुर्ना कलेक्टर कार्यालय सभागृह में अभियान की विस्तृत जानकारी दी गई। यह अभियान 21 साल बाद हो रहा है, जिसका मुख्य लक्ष्य सूची से मृत, डुप्लीकेट या अयोग्य नामों को हटाना और योग्य नागरिकों के नाम शामिल करना है।

​ SIR अभियान क्यों ज़रूरी है?

​यह अभियान इसलिए चलाया जा रहा है क्योंकि मौजूदा मतदाता सूची में कई तरह की गलतियाँ हैं। ये गलतियाँ मुख्य रूप से लोगों के एक जगह से दूसरी जगह लगातार जाने (प्रवास) से आती हैं, जिसके कारण एक ही व्यक्ति का नाम दो या उससे अधिक जगहों पर दर्ज हो जाता है। इसके अलावा, मृत लोगों के नाम न हटना और अयोग्य व्यक्तियों (जैसे विदेशी) के नाम गलती से शामिल हो जाना भी सूची की गुणवत्ता खराब करता है। इस अभियान का मूल उद्देश्य है कि कोई भी पात्र नागरिक छूट न पाए और कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल न हो सके

​ अभियान कब और कैसे चलेगा?

​अभियान को कई चरणों में बांटा गया है, जिसकी समय-सारणी इस प्रकार है:

  1. तैयारी और प्रशिक्षण (28 अक्टूबर से 03 नवंबर 2025): सबसे पहले, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) समेत सभी अधिकारियों को इस जटिल प्रक्रिया की ट्रेनिंग दी जाएगी।
  2. घर-घर गिनती (04 नवंबर से 04 दिसंबर 2025): यह सबसे अहम चरण है।
    • बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) हर वोटर के घर कम से कम तीन बार जाएँगे।
    • ​वे हर वोटर को एक यूनिक एन्यूमरेशन फॉर्म (EF) देंगे, जिसमें उनकी मौजूदा जानकारी होगी।
    • ​वोटर को यह फॉर्म भरकर BLO को जमा करना होगा।
    • ​BLO, इस दौरान नए वोटरों के लिए फॉर्म 6 भी इकट्ठा करेंगे और साथ ही मृत या डुप्लीकेट वोटरों की पहचान करेंगे।
    • ​जो लोग ऑनलाइन फॉर्म भरना चाहते हैं, उनके लिए भी सुविधा उपलब्ध है।
  3. सूची पर दावा-आपत्ति (09 दिसंबर 2025 से 08 जनवरी 2026):
    • 09 दिसंबर 2025 को नई (मसौदा) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
    • ​इस तारीख से लेकर 08 जनवरी 2026 तक कोई भी व्यक्ति सूची में नाम जोड़ने, हटाने या सुधार के लिए फॉर्म भरकर अपनी आपत्ति या दावा दर्ज करा सकता है।
  4. फैसले और सत्यापन (09 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026): इस दौरान अधिकारियों द्वारा सभी दावों पर सुनवाई होगी।
  5. अंतिम सूची का प्रकाशन (07 फरवरी 2026): सभी सुधारों के बाद, अंतिम और शुद्ध मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।

​ कौन-कौन जिम्मेदार?

 

​इस महाअभियान की सफलता में कई अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है:

  • बूथ लेवल ऑफिसर (BLO): ये सबसे ज़मीनी स्तर के अधिकारी हैं, जो घर-घर जाकर जानकारी जुटाने और फॉर्म जमा करने का काम करते हैं।
  • इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO): ये अधिकारी सूची को तैयार करते हैं और लोगों द्वारा किए गए दावों (फॉर्म 6, 7, 8) पर सुनवाई करके फैसला लेते हैं।
  • अपील की सुविधा: अगर कोई व्यक्ति ERO के फैसले से सहमत नहीं होता है, तो वह पहले जिला मजिस्ट्रेट (DM) यानी कलेक्टर और उसके बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पास अपील कर सकता है।

​अन्य महत्वपूर्ण बातें

  • मतदान केंद्रों का बदलाव: अब किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। भीड़भाड़ वाले इलाकों और नई कॉलोनियों में नए पोलिंग स्टेशन बनाए जाएँगे।
  • राजनीतिक दलों का सहयोग: पारदर्शिता के लिए, सभी पार्टियों के बूथ स्तरीय एजेंटों (BLA) को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो मतदाताओं से फॉर्म इकट्ठा करने में मदद कर सकते हैं।

​जिला कलेक्टर नीरज वशिष्ठ ने पांढुर्ना के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे BLOs को सही जानकारी देकर इस लोकतंत्र को मजबूत करने वाले अभियान में पूरा सहयोग करें।

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