
पांढुर्णा: पांढुर्णा जिले में पशुपालन एवं डेयरी गतिविधियों को नई गति देने और विभागीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह समीक्षा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में उपसंचालक पशु पालन एवं डेयरी विभाग, पांढुर्णा, डॉ. हरग्यान सिंह पक्षवार द्वारा की गई।
मुख्य एजेंडा: टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और दैनिक सेवा मानक
बैठक में जिले के समस्त पशु चिकित्सा अधिकारियों की उपस्थिति रही, जहां वर्तमान में चल रहे प्रमुख राष्ट्रीय और विभागीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। डॉ. पक्षवार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें।
निर्देशों के मुख्य बिंदु:
- राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम: एफएमडी (खुरपका-मुंहपका रोग) टीकाकरण के लक्ष्य को प्राथमिकता से शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाए ताकि पशुधन को गंभीर रोगों से सुरक्षित रखा जा सके।
- राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम: कार्यक्रम को गति दी जाए, विशेष रूप से सेक्स सोर्टेड सीमेन (Sex Sorted Semen) से कृत्रिम गर्भाधान पर बल दिया जाए। यह तकनीक उच्च गुणवत्ता वाली मादा संतान सुनिश्चित कर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में सहायक है।
- पशुपालन केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड): पशुपालकों को आर्थिक संबल प्रदान करने वाली केसीसी योजना के लक्ष्यों को समय से पूर्ण किया जाए।
- सेवा मानक: सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे प्रतिदिन औसतन 5 पशु चिकित्सा केस अटेंड करें, जिससे पशुओं को त्वरित और नियमित उपचार मिल सके।
मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना पर विशेष ध्यान
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के अंतर्गत जिले के चयनित ग्रामों – बढ़चीचोली और पंदराखेड़ी के संबंध में भी गहन चर्चा हुई। विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी कार्ययोजनाओं के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य इन ग्रामों को पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करना है।
अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में सहायक उपसंचालक छिंदवाड़ा डॉ. बलराम सलेवार, पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी डॉ. सोनिया परते, पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी सौसर डॉ. कमल शंकर धुर्वे, डॉ. योगेश सेमिल, डॉ. गीता लोधी, डॉ. गोविंदा धुर्वे, डॉ. अनुज चौधरी, डॉ. आरती इवने एवं अन्य सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी उपस्थित रहे।
संदेश:
यह बैठक पांढुर्णा जिले में पशुधन स्वास्थ्य और पशुपालकों के कल्याण के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में विभाग का यह प्रयास पशुपालन को केवल एक आजीविका नहीं, बल्कि एक उन्नत और वैज्ञानिक व्यवसाय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पशुपालकों से अपील है कि वे इन योजनाओं का अधिकतम लाभ लें और अपने पशुओं का नियमित टीकाकरण और उपचार सुनिश्चित कराएं।

