पांढुर्णा में ‘जनजातीय गौरव दिवस’ की धूम: धरती आबा बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का भव्य समापन

पांढुर्णा: पांढुर्णा जिले में इन दिनों उत्साह और उमंग का माहौल है! धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के समापन अवसर को चिह्नित करते हुए, 1 नवंबर से 15 नवंबर 2025 तक ‘जनजातीय गौरव दिवस’ का पंचम (5वां) संस्करण हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मध्य प्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग के निर्देशों पर हो रहे इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देना है।

​ जनजागरण और संस्कृति का संगम

​जिले भर में आयोजित हो रहे कार्यक्रमों की यह श्रृंखला, जनजातीय समाज के योगदान को याद करने और युवा पीढ़ी को उनसे प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम बन रही है।

  • शैक्षणिक संस्थानों में प्रतियोगिताएं: जिले के सभी स्कूल-कॉलेजों में छात्रों के लिए निबंध, भाषण, चित्रकला, क्विज, लोकगीत और खेलकूद जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
  • कला और संस्कृति का प्रदर्शन: जिला, विकासखण्ड और ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर लोकनृत्य, पारंपरिक शिल्प एवं हस्तकला प्रदर्शनी, जनजातीय व्यंजन मेला, पाक कला प्रदर्शन और नाटक मंचन जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन हो रहा है।

​इन सभी आयोजनों का मुख्य विषय ‘जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान एवं मध्यप्रदेश की जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर’ निर्धारित किया गया है।

सुचारु आयोजन के लिए प्रशासनिक तैयारी

​कलेक्टर पांढुर्णा, श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने कार्यक्रमों के सुचारु एवं सफल संचालन के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।

  • नोडल अधिकारी की नियुक्ति: जनपद पंचायत पांढुर्णा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी, श्रीमती वंदु सूर्यवंशी को जिला स्तरीय कार्यक्रमों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
  • अधिकारियों को दायित्व: विभिन्न प्रस्तावित गतिविधियों के प्रभावी ढंग से संपन्न होने के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

सन्देश:

​यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह धरती आबा बिरसा मुंडा जैसे महान नायकों को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने जल, जंगल और ज़मीन की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। पांढुर्णा जिले का यह प्रयास जनजातीय संस्कृति के गौरव को जन-जन तक पहुंचाने और युवा पीढ़ी में राष्ट्रीय चेतना का संचार करने में मील का पत्थर साबित होगा।

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