पांढुर्णा में ‘मौत के धागे’ पर कलेक्टर का सख्त वार: चाइनीज मांझा बेचा या उड़ाया, तो होंगी कार्यवाही

पांढुर्णा। पांढुर्णा प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। आसमान में उड़ने वाली पतंगें अब किसी के लिए जानलेवा नहीं बनेंगी, क्योंकि कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने जिले में ‘मौत के धागे’ यानी चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश महज एक चेतावनी नहीं, बल्कि सुरक्षा का एक सख्त चक्रव्यूह है।
अक्सर देखा गया है कि अपनी मजबूती के लिए मशहूर यह चाइनीज धागा राहगीरों के गले और बेजुबान पक्षियों के पंखों के लिए ‘कातिल’ साबित होता है। इसी खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत यह प्रतिबन्ध तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। प्रशासन का संदेश साफ है—अगर कोई चोरी-छिपे यह धागा बेचते या इसका उपयोग करते पकड़ा गया, तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत उस पर सीधी कानूनी कार्रवाई होगी। यह फैसला आम जनता और पक्षियों की सुरक्षा के लिए एक ढाल बनकर आया है। इस बार, पतंग की डोर जरूर थामें, लेकिन वह सुरक्षित और देसी होनी चाहिए। प्रशासन की यह सख्ती, आपकी और हमारी सुरक्षा के लिए ही है।
पांढुर्णा वासियों को नए साल का ‘ट्रिपल गिफ्ट’: 2026 के कैलेंडर में जुड़ीं तीन नई छुट्टियां,

पांढुर्णा।कामकाज की भागदौड़ के बीच अगर ‘छुट्टी’ शब्द सुनने को मिल जाए, तो चेहरे पर रौनक आ जाती है। पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने साल 2026 के लिए जिलेवासियों को खुशियों का एक ऐसा ही ‘ट्रिपल डोज’ दिया है। प्रशासन ने वर्ष 2026 के लिए तीन स्थानीय अवकाश घोषित कर दिए हैं, जो जिले की सांस्कृतिक नब्ज को पहचानते हुए तय किए गए हैं।
अपने कैलेंडर में इन तारीखों को अभी से मार्क कर लें। 02 अप्रैल (गुरुवार) को हनुमान जयंती पर शहर भक्ति में डूबेगा, 25 सितंबर (शुक्रवार) को अनंत चतुर्दशी पर बप्पा की विदाई का जश्न होगा, और 19 अक्टूबर (सोमवार) को महानवमी/दशहरा का उत्सव मनेगा। सबसे खास बात यह है कि शुक्रवार और सोमवार की छुट्टियों से आपको ‘लॉन्ग वीकेंड’ का मज़ा भी मिलेगा। कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश यह सुनिश्चित करता है कि पांढुर्णा के नागरिक अपनी परंपराओं और त्यौहारों को बिना किसी दफ्तर की चिंता के, पूरे हर्षोल्लास के साथ मना सकें। तो तैयार हो जाइए, 2026 में इन तीन दिनों पर दफ्तरों के ताले बंद रहेंगे और शहर में सिर्फ उत्सव का शोर गूंजेगा
पांढुर्ना की सड़कों पर ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’: बजता रहा घंटा, पुलिस से झूमा-झपटी के बीच धू-धू कर जला मंत्री का पुतला!

पांढुर्णा।सोमवार को शहर का माहौल अचानक तब गरमा गया जब ‘नववर्ष मिलन’ की मिठाइयों के बीच से ‘विरोध की आग’ भड़क उठी। जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक कब एक ‘जंगी प्रदर्शन’ में बदल गई, प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। हाथों में घंटियां लिए कांग्रेसियों ने विधायक कार्यालय से एमपीएल मैदान की ओर कूच किया—यह घंटा इंदौर में दूषित पानी से हुई 17 मौतों पर सत्ता की नींद उड़ाने के लिए बज रहा था।
सड़क पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला फूंकने को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त ‘रस्साकशी’ शुरू हो गई। खाकी की तमाम कोशिशों और घेराबंदी को नाकाम करते हुए कांग्रेसियों ने पुतले को आग के हवाले कर ही दिया। लपटों के बीच विधायक निलेश उईके ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा, “भाजपा ने सालों पहले रिपोर्ट और फाइलों को दबाया, उसी का नतीजा है कि 17 बेगुनाह लोग मारे गए।” धुएं के गुबार और घंटियों के इस शोर ने साफ कर दिया कि पांढुर्णा का सियासी तापमान अब चढ़ने वाला है।

