कलेक्टर की ‘रणनीति’ से स्कूलों और गलियों में शुरू होगी नशे के खिलाफ आर-पार की लड़ाई
पांढुर्णा: क्या आपका बच्चा सुरक्षित है? क्या आपके मोहल्ले में कच्ची शराब बिकती है? इन सवालों पर अब जिले का प्रशासन गंभीर हो गया है। हाल ही में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन (NCORD) जिला स्तरीय समिति की एक अति-महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में पुलिस के बड़े अधिकारी (SP श्री सुंदर सिंह कनेश, SDOPs) और कई विभागों के मुखिया मौजूद थे। इस बैठक को एक सिर्फ मीटिंग न समझें, यह पांढुर्णा जिले को नशा मुक्त बनाने की आधिकारिक घोषणा है।
स्कूल ही क्यों, सबसे पहले निशाने पर?
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सबसे बड़ा और कड़ा निर्देश स्कूल और कॉलेज की तरफ दिया है।
- छोटे बच्चों को बचाओ: उन्होंने कहा कि हमें स्कूल के बच्चों को नशे के दलदल से दूर रखने के लिए व्यापक अभियान चलाना होगा। यानी, अब स्कूलों में सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि नशे के खतरे पर भी जोर-शोर से बात होगी।
- शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी: शिक्षा विभाग को खास तौर पर कहा गया है कि वे जागरूकता बढ़ाएँ ताकि विद्यार्थी खुद ही नशे से दूरी बना लें।
मेडिकल की दुकान, अब होगी सख्त निगरानी!
नशे का एक और काला रास्ता है प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री।
- केमिस्ट पर सख्ती: कलेक्टर ने मेडिकल/केमिस्ट की दुकानों पर मिलने वाली प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की रोकथाम के लिए सख्त कार्रवाई और जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया।
- पुलिस होगी सक्रिय: पुलिस विभाग को विशेष रूप से नशीली दवाओं की कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए कहा गया है।
जंगल और गांव, कहाँ छिपा है ‘गांजा’?
बैठक में यह भी सामने आया कि नशीले पदार्थों की तस्करी सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है।
- वन विभाग का विशेष अभियान: वन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे जंगलों और खेतों में हो रहे गांजे के अवैध उत्पादन की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाएँगे।
- कच्ची शराब पर कार्रवाई: आबकारी विभाग को गाँवों और दूर-दराज के इलाकों में बिकने वाली कच्ची शराब पर रोक लगाने के लिए गश्त और पेट्रोलिंग (गहन जांच) करने का आदेश दिया गया है।
यह लड़ाई सिर्फ प्रशासन की नहीं, यह आपकी भी है!
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने एक अहम बात कही: “नशे की रोकथाम के लिए प्रशासन, पुलिस और समाज—सभी की संयुक्त भागीदारी आवश्यक है।”
यह संदेश साफ है:
- सूचना दें: अगर आप कहीं भी नशीले पदार्थों की बिक्री या अवैध गतिविधियों को देखते हैं, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
- जागरूक बनें: अपने बच्चों और आस-पास के युवाओं को नशे के भयानक नतीजों के बारे में बताएँ।


